Thu, 08 06, 2026
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मनमानी: रोडवेज में नेत्रहीन यात्री के सहायक से वसूला पैसा:

साल 2020 में सरकार ने दिव्यांगों के लिए निकाले थे आदेश

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 सरकार भले ही कई योजनाएं चलाने का दावा कर रही है, लेकिन इनका लाभ उन तक कितना पहुंच रहा है, इस पर गौर करने वाला कोई नहीं है। राजस्थान सरकार की योजना के तहत राजस्थान परिवहन निगम में दिव्यांग यात्री के साथ एक सहयोगी यात्री भी सफर कर सकता है। इसके लिए वर्ष 2020 में राजस्थान रोडवेज के सीएमडी ने आदेश जारी कर प्रदेश के दिव्यांगों को नई सौगात दी, लेकिन जमीनी स्तर पर बसों के परिचालक योजना पर पानी फेर रहे हैं। इसकी बानगी शुक्रवार को देखने को मिली। सवाई माधोपुर से सुबह 7 बजे जयपुर की ओर जाने वाली गाड़ी नं. आरजे25 पीए1190 में सुबह 8 बजे खिरनी से जयपुर के लिए आंखों से दिव्यांग शिवदास मीणा अपने सहयोगी के साथ बस में बैठा। दिव्यांग यात्री मानसिंह मीना ने बताया कि परिचालक जब टिकट देने उसके पास आया तो उसने अपना राजस्थान रोडवेज का स्मार्ट कार्ड दिखाकर सहयोगी का भी टिकट काटने को कहा। पीड़ित ने बताया कि परिचालक द्वारा सहयोगी का टिकट नहीं काटने की बात कही और पैसे देकर टिकट लेने को कहा। जबकि राज्य सरकार की योजना के अंतर्गत सौ प्रतिशत ब्लाइंड स्मार्ट कार्ड से दिव्यांग व सहयोगी मुक्त में यात्रा कर सकते हैं। सहयोगी सौरभ अग्रवाल ने बताया कि इस संदर्भ में दिव्यांग यात्री की ओर से अधिकारियों से फोन पर बात की। सवाई माधोपुर के जिला परिवहन अधिकारी फोन पर परिचालक से बात करने को कहते रहे, लेकिन परिचालक ने अधिकारियों से भी बात नहीं की और फ़ोन काट दिया। पीड़ित यात्री का आरोप है कि परिचालक ने मनमानी करते हुए सहयोगी को जयपुर का 110 रुपए का टिकट काटकर थमा दिया। साथ ही यात्री से अभद्रता से बात की। पीड़ित का कहना है कि वह 5 दिन पहले 8 अक्टूबर को सवाई माधोपुर अपने सहयोगी के साथ गया था उसमें रोडवेज परिचालक द्वारा दोनों टिकट मुक्त में सफर करने वाले दिए लेकिन इसके 5 दिन बाद जयपुर जाते समय परिचालक द्वारा मनमानी करने के कारण राज्य सरकार की चल रही योजना का लाभ निशक्तजनों, दिव्यांगों को नहीं मिल रहा है। ऐसे में पीड़ित ने जिला परिवहन अधिकारी एवं जिला कलेक्टर से जांच कर उच्च स्तरीय कार्रवाई की मांग की है।

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