राज्य में विधानसभा चुनावों के चलते महिला अधिकारिता विभाग की ओर से चलाई जा रही उडान योजना के तहत सेनेटरी नैपकीन का वितरण अटका हुआ था। विभाग की ओर से इस योजना के लिए गाइड लाइन मांगी गई थी। गाइड लाइन मिलने के बाद अब सेनेटरी नैपकीन का वितरण फिर से प्रारंभ हो जाएगा।
शहर में एक बार ही हुआ वितरण: उड़ान योजना को शुरू हुए दो साल हो चुके हैं, लेकिन अलवर शहर में योजना के तहत अभी तक एक ही बार सेनेटरी नैपकीन का वितरण हुआ है। अब दूसरी बार सेेनेटरी नेपकीन का वितरण होना था, नैपकीन भी आ चुकी है। लेकिन वितरण से पहले ही विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लग गई, इस कारण वितरण रोक दिया गया।
बानसूर में सबसे ज्यादा लाभार्थी
अलवर जिले में महिलाओं व बालिकाओं को सेनेटरी नैपकीन का वितरण किया जा रहा है। इसमें बानसूर में सबसे ज्यादा महिला 76835 हैं, जबकि सबसे कम लाभार्थी महिलाएं कोटकासिम में 26145 हैं। अलवर शहर में 36089 महिलाएं इस योजना का लाभ ले रही हैं।
उड़ान योजना में आंगनबाड़ी केंद्रों पर सेनेटरी नैपकीन वितरण के लिए आ चुके हैं। कुछ केंद्रों पर वितरण भी हो चुका हैं, लेकिन ज्यादातर केंद्रों पर सेनेटरी नैपकीन रखे हुए हैं। ऐसे में कार्यकर्ताओं को डर सता रहा है कि सेनेटरी नैपकीन के पैकेट को चूहे न खराब कर दे। योजना में एक महिला को प्रतिमाह के दो पैकेट दिए जाते हैं। सेनेटरी नैपकीन का वितरण तीन माह में एक बार किया जाता है।
