Thu, 08 06, 2026
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सावन का शुभारंभ: जयपुर के शिवालयों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, ताड़केश्वर महादेव का 151 किलो दूध से महाभिषेक:

पहले दिन विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक और आकर्षक श्रृंगार से गूंजे शिवालय

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जयपुर। भगवान शिव की आराधना का पावन श्रावण मास गुरुवार से शुरू हो गया। सावन के पहले दिन जयपुर के प्रमुख शिवालयों में सुबह से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। मंदिरों में मंगला आरती, रुद्राभिषेक, जलाभिषेक और विशेष श्रृंगार के साथ भगवान भोलेनाथ की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। पूरा वातावरण 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयघोष से भक्तिमय हो उठा।

ताड़केश्वर महादेव मंदिर में 151 किलो दूध से महाभिषेक

चौड़ा रास्ता स्थित प्राचीन ताड़केश्वर महादेव मंदिर में मंगला आरती के बाद भगवान शिव का 151 किलो दूध और 51 किलो देसी गाय के घी से महाभिषेक किया गया। इसके बाद भगवान का मनोहारी श्रृंगार कर विशेष आरती की गई।

मंदिर के पुजारियों ने बताया कि पूरे सावन माह प्रतिदिन 51 किलो दूध से भगवान शिव का अभिषेक किया जाएगा। साथ ही उज्जैन के महाकाल मंदिर की तर्ज पर विशेष श्रृंगार, रुद्रपाठ, अभिषेक और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान आयोजित होंगे।

शहर के प्रमुख शिवालयों में दर्शन के लिए लगी कतारें

सावन के पहले दिन झारखंड महादेव मंदिर (वैशाली नगर), गलता क्षेत्र, गोपालजी का रास्ता सहित शहर के अनेक शिवालयों में सुबह से श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु गलता जी से पवित्र जल लाकर शिवलिंग का जलाभिषेक करने पहुंचे।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया जलाभिषेक

सावन के शुभारंभ पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सपत्नीक मुख्यमंत्री निवास स्थित राजराजेश्वरी मंदिर में भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर जलाभिषेक किया। उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और शांति की कामना करते हुए सावन माह की शुभकामनाएं दीं।

सावन में होंगे विशेष धार्मिक आयोजन

पूरे सावन माह जयपुर के शिवालयों में विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक, भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 3 अगस्त को सावन का पहला सोमवार श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखेगा।

15-16 अगस्त को निकलेगी तीज माता की शाही सवारी

सावन माह के दौरान जयपुर का प्रसिद्ध तीज महोत्सव भी आयोजित होगा। 15 और 16 अगस्त को तीज माता की शाही सवारी राजघराने से पारंपरिक लाव-लश्कर के साथ निकाली जाएगी, जिसे देखने के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक जयपुर पहुंचेंगे।

28 अगस्त को होगा सावन का समापन

श्रावण मास का समापन 28 अगस्त को रक्षाबंधन (श्रावणी पूर्णिमा) के साथ होगा। तब तक प्रदेशभर के शिवालयों में जलाभिषेक, रुद्रपाठ, महाआरती और विशेष धार्मिक आयोजनों का सिलसिला जारी रहेगा।

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