Thu, 08 06, 2026
देश

पहले शिक्षक भर्ती में देरी, अब आचार संहिता लगने से कई अभ्यर्थियों की पोस्टिंग अटकी:

प्रशासन ने कहा-निर्वाचन आयोग से लेंगे मार्गदर्शन

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पहले शिक्षक भर्ती में विभागीय स्तर पर देरी हुई और अब विधानसभा चुनाव को लेकर आचार संहिता लागू होने से कई अभ्यर्थी नियुक्ति के लिए अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन इसका हल नहीं निकलने से उन्हें निराश होना पड़ रहा है।
दरअसल, 422 में से कई अभ्यर्थियों को अभी तक पोस्टिंग नहीं मिल पाई। वे अभ्यर्थी अब अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, ताकि उनकी ज्वाइनिंग हो सके। इधर, प्रशासन ने अब इसके लिए निर्वाचन आयोग से मार्गदर्शन मांगने की बात कही है। आयोग से जो निर्देश मिलेंगे उसके अनुसार आगे की कार्रवाई होगी। नियुक्ति की उम्मीद में मंगलवार को भी प्रदेश के कई जिलों के अभ्यर्थी मिनी सचिवालय पहुंचे। मिनी सचिवालय में एडीएम चैंबर के बाहर इन अभ्यर्थियों की कतार लगी रहीं।
अभ्यर्थियों का कहना है कि वे चार घंटों से इंतजार करते रहे। जोधपुर से आई अभ्यर्थी ममता ने बताया कि काउंसलिंग में उनका चयन हो चुका है, लेकिन कई जरूरी कागजात मंगवाए गए थे। इनमें हैल्थ सर्टिफिकेट सहित अन्य दस्तावेज बनवाने में समय लगता है। जिला परिषद ने सूची जारी की और उसके तीन दिन बाद ही आचार संहिता लग गई। ऐसे में जोधपुर से मेडिकल रिपोर्ट लेकर आई तो यहां ज्वाइनिंग नहीं दी जा रही है। मनीषा शाक्यवाल ने बताया कि अभी तक ज्वाइनिंग नहीं करवाई है। जब काउंसलिंग पहले ही करवा ली थी तो फिर ज्वाइनिंग देने में इतनी देर क्यों की गई। निदा खान ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट सहित अन्य कागजात तैयार करवाने में समय लगा। ऐसे में आचार संहिता लगी तो अब पोस्टिंग नहीं दे रहे हैं। चयनित व्याख्याता दूसरे जिलों से हो गए रिलीव, झालावाड़ पहुंचे तब तक आचार संहिता लगने से नहीं दी ज्वाइनिंग प्रदेश के कई स्कूलों से भी चयनित व्याख्याताओं की यहां ज्वाइनिंग नहीं हो पाई है। ऐसे में वहां से रिलीव होकर आए इन व्याख्याताओं को भी ज्वाइनिंग नहीं दी गई है। स्कूल व्याख्याता रामकेश मीणा ने बताया कि वे पहले श्रीगंगानगर में स्कूल शिक्षक थे, लेकिन 7 अक्टूबर को स्कूल व्याख्याता का ज्वाइनिंग लेटर दिया गया। वे श्रीगंगानगर से जिस स्कूल में शिक्षक थे वहां से 9 अक्टूबर को रिलीव हुए और झालावाड़ पहुंचे तब तक आचार संहिता लग गई। ऐसे में उनकी ज्वाइनिंग अटक गई है। उनका कहना है कि वे जिस स्कूल से भी रिलीव होकर आए हैं अब वहां भी ज्वाइनिंग नहीं करवा रहे हैं। 

 

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