Thu, 08 06, 2026
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यूजीसी के नए नियमों के विरोध में करणी सेना का आंदोलन तेज:

650 किमी पदयात्रा झुंझुनूं पहुंची, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

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झुंझुनूं। केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में लागू किए गए यूजीसी (UGC) के नए नियमों के विरोध में श्री राजपूत करणी सेना एवं समस्त स्वर्ण समाज का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। बुधवार को देशनोक (बीकानेर) से जयपुर तक निकाली जा रही 650 किलोमीटर लंबी पदयात्रा झुंझुनूं पहुंची। इस दौरान जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम ज्ञापन सौंपकर यूजीसी के नए नियमों को वापस लेने और ईडब्ल्यूएस (EWS) प्रमाण-पत्र की प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग की गई।

देशनोक से जयपुर तक निकाली जा रही है पदयात्रा

श्री राजपूत करणी सेना की ओर से बीकानेर के देशनोक स्थित श्री करणी माता मंदिर से राजधानी जयपुर तक करीब 650 किलोमीटर लंबी पदयात्रा निकाली जा रही है। यात्रा के दौरान विभिन्न जिलों में प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं।

'नए नियमों से विद्यार्थियों में बढ़ रही असुरक्षा'

श्री राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने कहा कि यूजीसी के नए नियमों से सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों में असुरक्षा और निराशा की भावना पैदा हो रही है। उनका कहना है कि अब तक कॉलेज परिसरों में सभी वर्गों के विद्यार्थी भाईचारे और सौहार्द के साथ शिक्षा ग्रहण करते रहे हैं, लेकिन नए प्रावधानों से विभिन्न वर्गों के बीच मतभेद बढ़ने की आशंका है। उन्होंने शिक्षा संस्थानों को ऐसे विवादों से दूर रखने की मांग की।

ईडब्ल्यूएस प्रमाण-पत्र की प्रक्रिया सरल करने की मांग

ज्ञापन में केंद्र सरकार से मांग की गई कि राजस्थान सरकार की तर्ज पर ईडब्ल्यूएस प्रमाण-पत्र बनवाने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए। करणी सेना का कहना है कि इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के पात्र लोगों को केंद्र सरकार की नौकरियों और योजनाओं में आरक्षण का लाभ आसानी से मिल सकेगा।

इक्विटी कमीशन के प्रावधानों पर जताई आपत्ति

महिपाल सिंह मकराना ने यूजीसी के प्रस्तावित इक्विटी कमीशन संबंधी प्रावधानों पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस व्यवस्था में सामान्य वर्ग के साथ न्याय नहीं किया गया है। उनके अनुसार, इससे सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के हित प्रभावित होंगे।

'मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन होगा राष्ट्रव्यापी'

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि फिलहाल आंदोलन की शुरुआत राजस्थान से की गई है, लेकिन यदि केंद्र सरकार ने यूजीसी के नए नियमों को वापस नहीं लिया और मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को अन्य राज्यों तक भी विस्तारित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी होने तक पदयात्रा और विरोध प्रदर्शन लगातार जारी रहेंगे।

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