Thu, 08 06, 2026
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स्कूल का रास्ता बंद होने पर बस्ता लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे बच्चे:

'हमें दया नहीं, सड़क चाहिए', अतिक्रमण हटाने की मांग; कलेक्टर ने सख्त कार्रवाई का दिया आश्वासन

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दौसा। सरकारी स्कूल जाने का रास्ता अतिक्रमण से बंद होने और बार-बार शिकायत के बावजूद समाधान नहीं होने से दौसा जिले के पीलवा खुर्द गांव की चैना वाली ढाणी के स्कूली बच्चे गुरुवार को बस्ता और स्कूल यूनिफॉर्म पहनकर कलेक्ट्रेट पहुंच गए। बच्चों ने अधिकारियों से कहा कि उन्हें सहानुभूति नहीं, बल्कि स्कूल जाने के लिए सुरक्षित रास्ता चाहिए।

मामला सिकराय उपखंड क्षेत्र के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, चैना वाली ढाणी का है। बच्चों का आरोप है कि स्कूल के रास्ते पर कुछ लोगों ने अतिक्रमण कर कंटीले तार लगा दिए हैं, जिससे रोजाना स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है। कई बार कंटीले तारों से उन्हें चोट भी लग चुकी है।

एक छात्रा ने बताया कि पहले भी शिकायत करने पर प्रशासन मौके पर पहुंचा था और रास्ता खुलवाया था, लेकिन अधिकारियों के लौटते ही दोबारा अतिक्रमण कर रास्ता बंद कर दिया गया। दूसरी छात्रा ने कहा कि उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि स्थायी समाधान चाहिए ताकि वे रोज सुरक्षित स्कूल पहुंच सकें।

दिव्यांग परिजन बोले- अब यहीं मरेंगे

बच्चों के साथ पहुंचे दिव्यांग परिजन सुरेश सैनी भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि कई बार प्रशासन को शिकायत और ज्ञापन दिए, लेकिन कोई स्थायी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा, "हम परेशान हैं, हमारे बच्चे परेशान हैं। अब तो यहीं मरेंगे, वापस नहीं जाएंगे।"

ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के दौरान रास्ता बंद होने से बच्चे फिसल जाते हैं, उनके कपड़े और किताबें खराब हो जाती हैं तथा कई बार उन्हें स्कूल से छुट्टी करनी पड़ती है। उन्होंने पक्की सड़क और अतिक्रमण हटाने की मांग की।

कलेक्टर ने दिए कार्रवाई के निर्देश

दौसा कलेक्टर डॉ. सौम्या झा ने बच्चों और परिजनों से मुलाकात कर उनकी समस्या सुनी। उन्होंने बताया कि एक सप्ताह पहले भी रास्ते पर तारबंदी की शिकायत मिली थी, जिसके बाद राजस्व विभाग की टीम ने अतिक्रमण हटाया था। अब दोबारा अतिक्रमण की शिकायत मिलने पर एसडीएम को मौके पर भेजकर तत्काल समाधान कराने और अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

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