Thu, 08 06, 2026
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RPSC अध्यक्ष का दावा: "राजस्थान में अब पेपर लीक नहीं होने देंगे":

JLO परीक्षा के दौरान 4 केंद्रों का किया औचक निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था की खुद ली जानकारी

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जयपुर। देशभर में पेपर लीक को लेकर उठे विवाद के बीच राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर पूरी तरह एक्शन मोड में है। आयोग के अध्यक्ष रिटायर्ड कर्नल केसरी सिंह ने रविवार को जूनियर लॉ ऑफिसर (JLO) भर्ती परीक्षा के दौरान पहली बार स्वयं जयपुर के चार परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने दावा किया कि अक्टूबर 2023 में पदभार संभालने के बाद से RPSC की किसी भी परीक्षा का पेपर लीक नहीं हुआ है और भविष्य में भी राजस्थान में पेपर लीक नहीं होने दिया जाएगा।

53 केंद्रों पर परीक्षा, 13 हजार से अधिक अभ्यर्थी

जयपुर में JLO भर्ती परीक्षा 53 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जा रही है। 12 पदों के लिए 13,245 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। परीक्षा दो दिन (रविवार और सोमवार) आयोजित होगी।

व्यवस्थाओं की खुद की निगरानी

केसरी सिंह ने बताया कि जिला प्रशासन और पुलिस के सहयोग से परीक्षा का सफल संचालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण इसलिए किया जा रहा है ताकि यदि कहीं कोई तकनीकी या व्यवस्थागत कमी हो तो उसे तुरंत दूर किया जा सके और अभ्यर्थियों को निष्पक्ष माहौल मिल सके।

हर सप्ताह सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा

RPSC अध्यक्ष ने बताया कि आयोग हर सात दिन में परीक्षा सुरक्षा की समीक्षा करता है। ब्लूटूथ, माइक्रो डिवाइस और अन्य आधुनिक तकनीकों के जरिए होने वाली नकल और पेपर लीक की संभावनाओं पर लगातार नजर रखी जा रही है तथा कमजोरियों को पहले ही दूर किया जा रहा है।

जल्द जारी होंगे परिणाम

उन्होंने कहा कि आयोग केवल निष्पक्ष परीक्षा ही नहीं, बल्कि समयबद्ध तरीके से परिणाम जारी करने की दिशा में भी कार्य कर रहा है। परीक्षा प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द से जल्द परिणाम घोषित करने का प्रयास किया जाएगा।

चार परीक्षा केंद्रों का किया निरीक्षण

RPSC अध्यक्ष ने जयपुर के माणक चौक, झोटवाड़ा, गांधीनगर और गणगौरी बाजार स्थित सरकारी विद्यालयों में बने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर सुरक्षा और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

पेपर लीक को लेकर देशभर में बनी संवेदनशील परिस्थितियों के बीच RPSC अध्यक्ष का स्वयं परीक्षा केंद्रों पर पहुंचना और सार्वजनिक रूप से पेपर लीक नहीं होने देने का भरोसा देना अभ्यर्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश माना जा रहा है।

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