Fri, 08 07, 2026
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डंडी तौल से किसानों की कट रही जेब, विरोध के बाद सरकारी सिस्टम अब जागा:

नरमा-कपास की प्राइवेट बोली में इलेक्ट्रोनिक की बजाय डंडी कांटे से तौल का किसान कर रहे विरोध

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नरमा-कपास की तौल को लेकर अब जंक्शन व टाउन मंडी में भी विवाद गहरा रहा है। अवैध कटौती से किसानों की जेब लगातार कट रही है। जबकि सरकारी तंत्र इस समस्या का ठोस समाधान खोजने में ज्यादा रुचि नहीं ले रहा है। इस बीच किसानों के विरोध को देखते हुए मंडी समिति अधिकारियों ने अब किसानों के साथ हुए समझौते को लागू करते हुए सोमवार से टाउन मंडी में इलेक्ट्रोनिक कांटे से तौल की व्यवस्था शुरू करने का फरमान जारी किया है। इसे लेकर व्यापारिक संस्थाओं को निर्देश जारी कर दिया गया है। मंडी समिति सचिव के अनुसार किसानों ने डंडी कांटे से कपास की तौल करने का विरोध किया था। इसके बाद नियमानुसार अब इलेक्ट्रोनिक कांटे से तौल की व्यवस्था लागू करने को लेकर निर्देश जारी किया गया है। मंडी समिति हनुमानगढ़ कार्यालय ने क वर्ग दलाल/ कच्चे आढ़तियों को लेकर निर्देश जारी कर अब मंडी यार्ड में नरमे की तौल व्यवस्था के लिए इलेक्ट्रोनिक कांटों की व्यवस्था करने को लेकर पाबंद किया है। सभी लाइसेंसी व्यापारियों को अविलम्ब इलेक्ट्रॉनिक कांटे खरीदने की सलाह दी है। सोमवार को नरमे के लिए इलेक्ट्रॉनिक कांटों की व्यवस्था होने पर ही किसानों को बुलाने की बात कही गई है। बताया जा रहा है कि नियमानुसार इलेक्ट्रोनिक कांटों से ही तौल होनी चाहिए। लेकिन जमीनी तौर पर मंडी में आ रही व्यवहारिक दिक्कतों को देखते हुए पूर्व में ऐसा नहीं हो पा रहा था। मगर अब किसानों की मांग पर डंडी तौल को खत्म करके इलेक्ट्रोनिक कांटों से तौल करने का नियम लागू किया जा रहा है। सोमवार को टाउन मंडी से इसकी शुरुआत होगी। बाद में सभी मंडियों में यह व्यवस्था अनिवार्य रूप से लागू होगी।

लाइसेंसी तौला मजदूरों का भी रखते ध्यान

मंडी समिति अधिकारियों का कहना है कि चालीस-चालीस किलो के बंडल में तौल करवाई जाएगी। इससे लाइसेंसी तौला मजदूरों को भी मजदूरी मिलती रहेगी। जंक्शन व टाउन मंडी में धर्मकांटे भी नहीं है। टाउन मंडी में इसके लिए प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। जंक्शन मंडी में धर्मकांटा बना हुआ है लेकिन काफी पुराना होने के चलते यह कार्यशील नहीं है। इसे अपग्रेड करके शुरू करने का प्रयास भी मंडी समिति स्तर पर करने की चर्चा है।

मंडी में जिंसों के व्यापार में यह उचित नहीं

किसानों का कहना है कि कपास की डंडी तौल से तुलाई के दौरान अवैध कटौती की जाती है। इससे किसानों पर डबल मार पड़ती है। जब मंडी में व्यापारी भाव लगा देते हैं तो तौल भी उचित होना चाहिए। लेकिन व्यापारी कभी गुणवत्ता तो कभी अन्य कारणों से अवैध कटौती करते हैं। यह व्यापार में उचित नहीं है। इसलिए भाव लगने के बाद किसी तरह की कटौती नहीं होनी चाहिए।

इसलिए कर रहे विरोध

भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष रेशम सिंह माणुका व किसान नेता रायसाहब चाहर मल्लड़खेड़ा के अनुसार 18 अक्टूबर को टाउन की एक निजी कॉटन फैक्ट्री के व्यापारियों ने प्रति 40 किलो नरमा में तीन किलो 100 ग्राम की ईटें डालकर किसानों से काट काटा जा रहा था। जिसे किसानों व कृषि उपज मंडी समिति के अधिकारियों ने पकड़ा। उन्होंने बताया कि व्यापारियों ने किसान के साथ 42 किलो 600 ग्राम नरमें की ठगी की। इसका मूल्य लगभग 10 हजार रुपए था। सरकारी तंत्र पर भी कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति करने का आरोप लगाया।

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