Thu, 08 06, 2026
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कागजों में प्रतिबंध, शहर में हो रहा बेरोकटोक उपयोग:

फुटकर और थोक विक्रेताओं की दुकानों में सिंगल यूज पॉलीथिन का खुलेआम हो रहा है उपयोग

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भारत सरकार ने सिंगल यूज या एक बार उपयोग होने वाले प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगा रखा है, लेकिन ये प्रतिबंध केवल कागजों और घोषणाओं तक ही सीमित है। कस्बे के बाजारों में सिंगल यूज पॉलीथिन खूब इस्तेमाल हो रही है, इसके उपयोग के बाद फेंक देने से कचरे में सबसे ज्यादा पॉलीथिन का ही अंबार नजर आता है।
जुलाई 2022 से लगाया था प्रतिबंध
भारत सरकार ने 1 जुलाई 2022 से सिंगल यूज पॉलीथिन और प्लास्टिक का निर्माण, आयात, भंडारण, वितरण, बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगा रखा, लेकिन फिर भी सामान लेने लोग घर से थैला लेकर बाजार नहीं जाते हैं, दुकानदार भी उन्हें पॉलीथिन में सामान देने से मना नहीं करते। यही वजह है कि प्रतिबंध के बावजूद फुटकर और थोक विक्रेताओं की दुकानों में सिंगल यूज पॉलीथिन व प्लास्टिक की सामग्री खुलेआम उपयोग की जा रही है। गलियों, सड़कों और नालियों में पॉलीथिन और प्लास्टिक के ढे़र लग जाते हैं। नाले-नालियां भी पॉलीथिन फंसने से जाम हो जाती हैं। इस कारण सफाईकर्मी, रहवासी परेशान हो जाते है। इसके बाद भी प्रशासन और नगर पालिका की ओर से पॉलीथिन और सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
जागरुक हों लोग, तो असर होगा
दुकानदारों का कहना है कि जब तक पॉलीथिन व सिंगल यूज प्लास्टिक कंपनियों द्वारा बनाई जाती रहेगी, तब तक उसका उपयोग भी होगा। वहीं, लोग घर से थैला लेकर ही नहीं आते, इसलिए मजबूरी में सब्जी पॉलीथिन में देनी पड़ती है। सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध होने की जानकारी है, लेकिन जब तक यह बनती रहेगी, उपयोग होता रहेगा।

 

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