पैसों की बचत की आदत होना अच्छा माना जाता है, क्योंकि जब पैसों की जरूरत होती है तो बचत की राशि हमें सबसे पहले याद आती है और काम भी। कहते भी है कि मुसीबत में बचत के पैसे ही काम आते है।
कोविड महामारी के दौरान पैसों की बचत का महत्व समझ में आया था। जब काम-काज बंद थे और आय के जरिए तक पर रोक लग गई, तब बचत का पैसा ही लोगों के जीवन का आधार बना था। जिन लोगों के पास बचत थी, उनके सामने आर्थिक रूप से कोई परेशानी नहीं आई। इसलिए बचत की आदत हो तो कठिन समय में यह बड़ा संबल प्रदान करती है। मुश्किल समय को बचत आसान कर सकती है।
छोटी बचत बनती है बड़ी राशि
विशेषज्ञों का मानना है कि बचत की शुरूआत छोटी-छोटी राशि से करनी चाहिए। प्रत्येक महीने कुछ राशि बचाना काफी आसान होता है। यह आदत प्रत्येक व्यक्ति में होनी चाहिए। महीने में होने वाली आय से एक निश्चित राशि की बचत से शुरूआत की जा सकती है। बच्चों और खासकर युवाओं में बचत की प्रवृत्ति को प्रोत्साहित करने की जरूरत है। अब तो बचत करने के कई तरीके है। छोटी बचत एक समय के बाद बड़ी राशि बनकर सामने आती है।
बचत के पैसों का ऐसे समझें महत्व
नियमित बचत की राशि से ही मेडिकल इमरजेंसी के वक्त काफी काम आती है। बच्चों की अच्छी शिक्षा, शादी सहित परिवार के अन्य कार्य के लिए ही व्यक्ति बचत की तरफ देखता है। बचत ही हमारे भविष्य को बेहतर बना सकती है। रिटायरमेंट के बाद बचत की राशि जीवन जीने का सबसे बड़ा सहारा बनती है।
इस साल 2023 की थीम
साल 2023 के थ्रिफ्ट डे की थीम कॉन्कर योर टुमारो रखी गई है। यह थीम संदेश देती है कि बचत किए हुए पैसे से हम आने वाले कल को जीत सकते है। थीम के माध्यम से बेहतर भविष्य के लिए पैसों की बचत के बारे में जागरुकता फैलाना उद्देश्य है।
