नवरात्र से त्योहारी सीजन शुरू हो चुका है। जिले में मिठाई की दुकानें सज चुकी है। केंद्र सरकार ने दो साल पहले आदेश दिया था कि दुकानदार को मिठाई बनाने व इस्तेमाल योग्य तिथि लिखना जरूरी है। भीलवाड़ा शहर में मिठाई की दुकानों पर शुरू में कुछ दिन आदेश का असर काउंटर पर नजर आया लेकिन फिर अनदेखी शुरू हो गई। बड़ी बात यह है कि अब त्योहारी सीजन में सड़क किनारे भी टैंट-तंबू में मिठाई बिकने लगी है। खासकर मरकों की दुकानें तंबुओं में चलती है। सरकार ने आमजन को ताजा व शुद्ध मिठाई उपलब्ध करने की मंशा से निर्माण व एक्सपायरी डेट के आदेश दिए थे।
भीलवाड़ा शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में मिठाई की अधिकतर दुकानों पर सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। लोगों को बासी व मिलावटी मिठाई मुहैया कराई जा रही है। लोगों को पता ही नहीं चलता है कि दुकानदार जो मिठाई दे रहा है, वह कितने दिन पहले बनी थी और अब खाने योग्य है या नहीं। चिकित्सा विभाग के खाद्य निरीक्षक भी चुपी साधे है। हालांकि विभाग त्योहारी सीजन शुरू होते ही दुकानदारों को चेतावनी भेज रहा है।
