सीकर। सीकर की पॉक्सो कोर्ट-1 ने 14 वर्षीय नाबालिग लड़के से कुकर्म के मामले में दोषी करार दिए गए आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने पीड़ित को पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत 2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं।
रास्ता पूछने के बहाने ले गया था सुनसान खेत में
लोक अभियोजक भवानी सिंह जेरठी ने बताया कि घटना 12 जून 2022 की है। आरोपी ने रास्ता पूछने के बहाने नाबालिग को अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाया और सुनसान खेत में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर आरोपी ने नाबालिग का गला दबाया और उसके साथ मारपीट भी की।
घटना के बाद नाबालिग किसी तरह वहां से निकलकर एक ढाणी में पहुंचा और एक महिला को पूरी घटना बताई। महिला ने इसकी सूचना बच्चे के परिजनों को दी, जिसके बाद 13 जून 2022 को संबंधित थाने में मामला दर्ज कराया गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर 11 अक्टूबर 2022 को न्यायालय में चालान पेश किया।
22 गवाह और 46 दस्तावेज बने सजा का आधार
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 22 गवाहों के बयान और 46 दस्तावेज न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए। साक्ष्यों के आधार पर पॉक्सो कोर्ट-1 के न्यायाधीश विक्रम चौधरी ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि पीड़ित नाबालिग को राज्य सरकार की पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत 2 लाख रुपए की सहायता प्रदान की जाए।
अदालत की टिप्पणी
निर्णय में न्यायालय ने टिप्पणी की कि आरोपी ने अनजान बनकर रास्ता पूछने के बहाने नाबालिग का विश्वास जीता और उसके बाद गंभीर अपराध को अंजाम दिया। ऐसे अपराध समाज में लोगों के बीच विश्वास को कमजोर करते हैं और ग्रामीण परिवेश में भी जरूरतमंदों की मदद करने में भय और संकोच पैदा कर सकते हैं।
