Thu, 08 06, 2026
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पाक बॉर्डर से सटे जिलों में संदिग्ध जमीन सौदों की जांच तेज, करोड़ों की प्रॉपर्टी 5 लाख में रजिस्टर्ड होने पर सवाल:

जैसलमेर में आयकर विभाग की जांच में सामने आईं संदिग्ध रजिस्ट्रियां, नकद लेनदेन और गलत पैन नंबरों से ब्लैक मनी व संदिग्ध फंडिंग की आशंका

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जैसलमेर। पाकिस्तान सीमा से सटे राजस्थान के जिलों में संदिग्ध फंडिंग के जरिए जमीन खरीद-फरोख्त के मामलों की जांच तेज हो गई है। जैसलमेर में आयकर विभाग की कार्रवाई के दौरान कई ऐसी रजिस्ट्रियां सामने आई हैं, जिनमें करोड़ों रुपये मूल्य की प्राइम लोकेशन वाली जमीनों का सौदा बेहद कम कीमत पर दिखाया गया और पूरा भुगतान नकद दर्शाया गया। इन मामलों ने ब्लैक मनी, अवैध फंडिंग और नियमों के उल्लंघन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अमित शाह के निर्देश के बाद तेज हुई जांच

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 26 मई 2026 को बीकानेर दौरे के दौरान सीमावर्ती जिलों में अवैध निर्माण, ब्लैक मनी और संदिग्ध फंडिंग की जांच के निर्देश दिए थे। इसके बाद जैसलमेर, बाड़मेर और अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों में केंद्रीय एजेंसियां सक्रिय हो गईं। आयकर विभाग ने हाल ही में जैसलमेर उप-पंजीयक कार्यालय में रिकॉर्ड की जांच कर कई संदिग्ध रजिस्ट्रियों को चिन्हित किया।

महंगी जमीन, रजिस्ट्री में कीमत सिर्फ 5 लाख

जांच में सामने आए मामलों में जवाहरलाल नेहरू आवासीय योजना और लक्ष्मीचंद सांवल आवासीय योजना के प्लॉटों की बाजार कीमत 50 से 70 लाख रुपये तक बताई जा रही है, जबकि रजिस्ट्री में इनकी कीमत मात्र 5 लाख रुपये दर्शाई गई। दस्तावेजों में पूरा भुगतान नकद दिखाया गया, जबकि संबंधित अवधि में इन प्लॉटों की डीएलसी दर भी रजिस्ट्री में दर्शाई गई कीमत से अधिक थी।

नकद लेनदेन पर नियमों का उल्लंघन

भारतीय आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 269ST के अनुसार किसी भी संपत्ति के सौदे में 2 लाख रुपये या उससे अधिक का नकद लेनदेन प्रतिबंधित है। ऐसे मामलों में भुगतान बैंकिंग माध्यम से होना अनिवार्य है। इसके बावजूद जांच में मिली रजिस्ट्रियों में पूरा भुगतान नकद दिखाया गया और रजिस्ट्रियां भी जारी कर दी गईं।

गलत या गायब मिले पैन नंबर

आयकर विभाग के अनुसार वर्ष 2024-25 और 2025-26 की कई रजिस्ट्रियों में खरीददार और विक्रेता के पैन नंबर या तो दर्ज नहीं किए गए या गलत लिखे गए हैं। इससे लेनदेन की वास्तविकता छिपाने और जांच से बचने की आशंका जताई जा रही है। विभाग ने जैसलमेर, बाड़मेर और श्रीगंगानगर जिले के अनूपगढ़ क्षेत्र की सैकड़ों संदिग्ध रजिस्ट्रियों की सूची तैयार की है।

दो दिन तक खंगाले गए रिकॉर्ड

14 जुलाई को आयकर विभाग की टीम ने जैसलमेर उप-पंजीयक कार्यालय में दो दिन तक रिकॉर्ड की जांच की। कार्रवाई के दौरान कई रजिस्ट्रियों और दस्तावेजों का मिलान किया गया तथा संदिग्ध मामलों से जुड़ी जानकारी एकत्र कर आगे की जांच के लिए रिकॉर्ड जब्त किए गए।

पुराने मामलों की जांच जारी

जैसलमेर तहसीलदार राजेंद्र करण ने बताया कि उनकी हाल ही में यहां पोस्टिंग हुई है और आयकर विभाग जिन मामलों की जांच कर रहा है, वे पुराने रजिस्ट्रियों से जुड़े हैं। वहीं कार्यालय के कर्मचारियों ने भी रिकॉर्ड में कई अनियमितताओं की पुष्टि की है।

उल्लंघन पर हो सकती है कड़ी कार्रवाई

कर विशेषज्ञों के अनुसार आयकर अधिनियम की धारा 269ST का उल्लंघन होने पर विक्रेता पर नकद प्राप्त राशि के बराबर जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं खरीददार से लेनदेन की वैधता, धन के स्रोत और कर देयता की विस्तृत जांच की जाती है। यदि अनियमितता साबित होती है तो कर व जुर्माने की कार्रवाई भी की जा सकती है।

फिलहाल आयकर विभाग और अन्य केंद्रीय एजेंसियां सीमावर्ती जिलों में संदिग्ध भूमि सौदों, ब्लैक मनी और अवैध फंडिंग के संभावित नेटवर्क की गहन जांच में जुटी हुई हैं।

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