Thu, 08 06, 2026
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सीकर गर्भवती महिला हत्याकांड: 22 घंटे बाद खत्म हुआ धरना, पीड़ित परिवार को 21 लाख की सहायता:

फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई, पीड़ित पक्ष की मुफ्त पैरवी करेंगे वरिष्ठ अधिवक्ता

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सीकर। धोद थाना क्षेत्र के सरवड़ी गांव में गर्भवती महिला प्रियंका कंवर की हत्या के विरोध में चल रहा धरना शनिवार को करीब 22 घंटे बाद समाप्त हो गया। प्रशासन और पीड़ित परिजनों के बीच सहमति बनने के बाद धरना खत्म हुआ। प्रशासन ने पीड़ित परिवार को 21 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।

21 लाख की सहायता, बेटे के नाम होगी एफडी

सरवड़ी के निवर्तमान सरपंच रामस्वरूप भास्कर ने बताया कि मृतका के तीन वर्षीय बेटे के नाम 21 लाख रुपये की एफडी कराई जाएगी। साथ ही मामले में विशेष लोक अभियोजक (स्पेशल पब्लिक प्रोसीक्यूटर) नियुक्त किया जाएगा और जल्द से जल्द निष्पक्ष जांच कर आरोपी को कड़ी सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

वरिष्ठ अधिवक्ता करेंगे निशुल्क पैरवी

संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों ने बताया कि पीड़ित परिवार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ताओं की टीम निशुल्क पैरवी करेगी। वहीं, धोद बार एसोसिएशन ने आरोपी की ओर से मुकदमा नहीं लड़ने का निर्णय लिया है।

बेटे की 12वीं तक की शिक्षा का जिम्मा लिया

धरनास्थल पर धोद की एक निजी स्कूल के निदेशक शिवराज सिंह ने मृतका के तीन वर्षीय बेटे की पहली कक्षा से लेकर 12वीं तक की शिक्षा, हॉस्टल और अन्य सभी खर्च नि:शुल्क वहन करने की घोषणा की।

जनसहयोग और सरकारी बजट से मिलेगी सहायता

धोद विधायक गोवर्धन वर्मा ने बताया कि जनसहयोग और सरकारी बजट से पीड़ित परिवार को कुल 21 लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं जिला प्रशासन ने भी आर्थिक सहायता देने का भरोसा दिलाया है।

एसडीएम राहुल मल्होत्रा ने कहा कि पुलिस निष्पक्ष और त्वरित जांच कर आरोपी को सख्त सजा दिलाने के लिए प्रभावी कार्रवाई करेगी।

10 सूत्रीय मांगों पर बनी सहमति

संघर्ष समिति के प्रतिनिधि एडवोकेट हनुमान सिंह पालवास और रामस्वरूप भास्कर ने बताया कि न्याय और पुनर्वास से जुड़ी 10 सूत्रीय मांगों पर सहमति बनने के बाद धरना समाप्त किया गया।

क्या है पूरा मामला?

28 जुलाई को सरवड़ी गांव में छह माह की गर्भवती प्रियंका कंवर (25) अपने तीन वर्षीय बेटे के साथ घर पर थी। इसी दौरान पड़ोसी सुरेश सैनी ने घर में घुसकर चाकू से उन पर हमला कर दिया। हमले में प्रियंका गंभीर रूप से घायल हो गईं और अधिक रक्तस्राव के कारण गर्भ में पल रहे छह माह के शिशु की भी मौत हो गई।

उन्हें पहले सीकर के एसके अस्पताल और बाद में जयपुर के एसएमएस अस्पताल रेफर किया गया, जहां 30 जुलाई को उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। घटना के बाद आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था, जबकि महिला की मौत के बाद परिजनों ने न्याय की मांग को लेकर दोबारा धरना शुरू किया था, जो अब प्रशासन से समझौते के बाद समाप्त हो गया।

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