Thu, 08 06, 2026
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भरतपुर में 14 माह पुराने ठेकेदार हत्याकांड का खुलासा, REET में पास कराने के नाम पर लिए थे 5 लाख; दो गिरफ्तार:

पॉलीग्राफ टेस्ट के बाद खुला राज

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भरतपुर। 14 महीने पहले लापता हुए वैर निवासी ठेकेदार प्रहलाद बैरवा हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने REET-2021 परीक्षा में प्रहलाद की पत्नी को पास कराने का झांसा देकर 5 लाख रुपये लिए थे। पत्नी के परीक्षा में सफल नहीं होने पर प्रहलाद लगातार अपनी रकम वापस मांग रहे थे। इसी विवाद के चलते उनकी हत्या कर शव को धौलपुर के जंगल में दफना दिया गया।

पुलिस ने पॉलीग्राफ टेस्ट के बाद आरोपी धर्मेंद्र धाकड़ और विनोद मीणा को गिरफ्तार कर लिया। दोनों की निशानदेही पर जंगल से शव के अवशेष भी बरामद किए गए हैं। मामले की जानकारी शुक्रवार को एसपी राजेश मीणा ने दी।

कोर्ट जाते समय हुआ था अपहरण

एसपी के अनुसार, प्रहलाद बैरवा 26 मार्च 2025 को कोर्ट जाने के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए थे। अगले दिन उनकी पत्नी पूनम बैरवा ने वैर थाने में अपहरण का मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने कई टीमें गठित कर जांच की, लेकिन लंबे समय तक कोई सुराग नहीं मिला। इस दौरान परिजनों ने कई बार प्रदर्शन कर मामले के खुलासे की मांग भी की।

REET में पास कराने के नाम पर ठगी

जांच में सामने आया कि वर्ष 2021 में प्रहलाद की पत्नी REET परीक्षा की तैयारी कर रही थीं। इसी दौरान आरोपी धर्मेंद्र धाकड़ ने परीक्षा में पास कराने का दावा कर प्रहलाद से 5 लाख रुपये ले लिए। जब परीक्षा परिणाम उम्मीद के मुताबिक नहीं आया तो प्रहलाद ने पैसे वापस मांगने शुरू कर दिए। पुलिस के अनुसार, इसी विवाद से छुटकारा पाने के लिए धर्मेंद्र ने अपने साथी विनोद मीणा के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।

धौलपुर के जंगल में हत्या कर शव दफनाया

पुलिस के मुताबिक 26 मार्च 2025 को आरोपियों ने प्रहलाद का अपहरण कर उन्हें धौलपुर ले जाकर सुनसान जंगल में गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद पहचान छिपाने के उद्देश्य से शव को जमीन में दफना दिया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने शव के अवशेष बरामद कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिए हैं।

पूछताछ में गुमराह करते रहे, पॉलीग्राफ के बाद कबूला जुर्म

पुलिस का कहना है कि शुरुआती पूछताछ में दोनों आरोपी लगातार गुमराह करते रहे। इसके बाद पॉलीग्राफ टेस्ट कराया गया, जिसमें मिले संकेतों के आधार पर सख्ती से पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार, इसके बाद दोनों ने हत्या की बात स्वीकार कर ली।

अन्य लेन-देन की भी जांच जारी

करीब 25 दिन पहले एसपी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन के दौरान मृतक की पत्नी पूनम बैरवा ने आरोप लगाया था कि उनके पति ने धर्मेंद्र धाकड़ को 4.50 लाख रुपये और राजेश कुमार गर्ग को 15 लाख रुपये उधार दिए थे। रकम वापस मांगने को लेकर विवाद चल रहा था और इस संबंध में धोखाधड़ी का मामला भी न्यायालय में विचाराधीन है। पुलिस ने बताया कि इस मामले के सभी पहलुओं की जांच जारी है।

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