Thu, 08 06, 2026
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20 साल पुराने बाबूलाल गुर्जर हत्याकांड में सभी 21 आरोपी बरी, जायल एडीजे कोर्ट का फैसला:

खान विवाद में हुई थी हत्या, दो आरोपियों की सुनवाई के दौरान हो चुकी है मौत

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नागौर। नागौर जिले के बहुचर्चित बाबूलाल गुर्जर हत्याकांड में करीब 20 वर्ष बाद शुक्रवार को जायल एडीजे कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए सभी 21 आरोपियों को बरी कर दिया। इस मामले में कुल 23 आरोपी नामजद थे, जिनमें से दो की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो चुकी थी।

खान विवाद को लेकर हुई थी हत्या

जानकारी के अनुसार, खोटी खाटू गांव में स्थित खसरा नंबर 1148 की खान को लेकर बाबूलाल गुर्जर और दूसरे पक्ष के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते 5 फरवरी 2006 को बाबूलाल गुर्जर की हत्या कर दी गई थी।

पांच दिन तक चला था प्रदर्शन

हत्या के बाद परिजनों ने न्याय की मांग को लेकर बाबूलाल का शव पांच दिन तक सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया था। उस दौरान प्रदर्शन उग्र होने पर तत्कालीन जिला कलेक्टर आलोक गुप्ता और तत्कालीन पुलिस अधीक्षक मधुसूदन भी घायल हो गए थे।

सीआईडी-सीबी को सौंपी गई थी जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने इसकी जांच सीआईडी-सीबी को सौंप दी थी। जांच के बाद प्रकरण न्यायालय में पहुंचा, जहां लंबे समय तक सुनवाई चलती रही।

गवाह के बयान पर दर्ज हुई थी एफआईआर

इस मामले में गवाह उगमाराम गुर्जर के पर्चा बयान के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस ने जांच पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया, लेकिन लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में सभी 21 आरोपियों को दोषमुक्त कर बरी कर दिया।

दो आरोपियों की हो चुकी है मृत्यु

मुकदमे के दौरान नामजद 23 आरोपियों में से दो की मृत्यु हो चुकी थी। शेष 21 आरोपियों के खिलाफ सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायालय ने उन्हें बरी करने का आदेश दिया।

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