Thu, 08 06, 2026
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शादी का झांसा देकर दिव्यांग शिक्षक से 80 लाख की साइबर ठगी:

सोशल मीडिया पर दोस्ती, इलाज और शादी के नाम पर तीन साल तक ऐंठी रकम, तीन आरोपी गिरफ्तार

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नागौर। जिले में साइबर ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां शादी का झांसा देकर एक दिव्यांग शिक्षक से करीब 80 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। आरोपी युवती ने सोशल मीडिया के माध्यम से दोस्ती कर शिक्षक का विश्वास जीता और फिर शादी का वादा कर इलाज, आर्थिक तंगी और अन्य बहाने बनाकर तीन वर्षों तक अलग-अलग किश्तों में लाखों रुपये हड़प लिए। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है तथा रिमांड की मांग की है।

सोशल मीडिया पर हुई थी दोस्ती

गोटन थाना पुलिस के अनुसार पीड़ित शिक्षक ने 31 जुलाई को रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत में बताया कि वर्ष 2023 में सोशल मीडिया पर उसकी पहचान खुद को अंजू चौधरी बताने वाली युवती से हुई थी। बातचीत बढ़ने पर युवती ने शिक्षक से शादी करने की इच्छा जताई। दिव्यांग होने के बावजूद रिश्ता स्वीकार करने की बात कहकर उसने शिक्षक का विश्वास जीत लिया।

इलाज और आर्थिक संकट का बहाना बनाकर मांगे पैसे

कुछ समय बाद युवती ने पहले छोटी राशि की मदद मांगी। इसके बाद उसने अपनी मां की बीमारी, खुद के इलाज, आर्थिक परेशानी और अन्य कारण बताते हुए लगातार रुपये मांगने शुरू कर दिए। वह हर बार जमीन बेचकर पूरी रकम लौटाने का भरोसा देती रही। जब शिक्षक ने पैसे देना बंद करने की कोशिश की तो उसे झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी गई।

दोस्तों से उधार और लोन लेकर दिए 80 लाख रुपये

शादी के सपने में फंसे शिक्षक ने आरोपियों की मांग पूरी करने के लिए दोस्तों से उधार लिया, पर्सनल लोन लिया और अपनी वर्षों की जमा पूंजी भी खर्च कर दी। करीब तीन साल में उसने लगभग 80 लाख रुपये अलग-अलग माध्यमों से आरोपियों को दे दिए, लेकिन रकम वापस नहीं मिली।

कई बार मिले, फिर भी नहीं दिखाया चेहरा

जांच में सामने आया कि शिक्षक और युवती की कई बार मुलाकात भी हुई। दोनों होटल और अन्य स्थानों पर मिले, लेकिन युवती हर बार किसी न किसी बहाने से अपना चेहरा छिपाती रही। बाद में उसका व्यवहार बदल गया और उसने संपर्क कम कर दिया। तब शिक्षक को ठगी का संदेह हुआ और उसने पुलिस की शरण ली।

फर्जी नामों से रचा ठगी का जाल

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी युवती ने अंजू, मंजू और सुनीता जैसे अलग-अलग नामों से शिक्षक से संपर्क किया था। मोबाइल नंबरों और बैंक खातों की जांच के आधार पर पुलिस ने सुरेश मेघवाल (29), उसकी पत्नी सुमन मेघवाल (24) और रीमा मेघवाल (23) को गिरफ्तार किया है।

ठगी के नेटवर्क की जांच जारी

पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड की मांग की है। फिलहाल बैंक खातों में हुए लेन-देन, ठगी की रकम के उपयोग और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की गहन जांच की जा रही है। पुलिस का मानना है कि पूछताछ में साइबर ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े और भी अहम खुलासे हो सकते हैं।

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