Fri, 08 07, 2026
देश

10 रुपए के किराए के विवाद में हुई हत्या, 9 साल बाद आया फैसला:

पिकअप ड्राइवर को 10 साल का कठोर कारावास, कोर्ट ने लगाया 20 हजार रुपए का जुर्माना

post-img

चौमूं। जयपुर जिले के चौमूं में महज 10 रुपए के किराए को लेकर हुई हत्या के करीब नौ साल पुराने मामले में अदालत ने फैसला सुनाते हुए आरोपी पिकअप ड्राइवर को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।

एडीजे-10 चौमूं की न्यायाधीश श्वेता ढाका ने सुनवाई पूरी होने के बाद आरोपी श्योपाल को दोषी करार दिया। मामले में अपर लोक अभियोजक एडवोकेट सुनील कुमार सैनी ने अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी की।

10 रुपए के किराए से शुरू हुआ था विवाद

अभियोजन के अनुसार, वर्ष 2017 में हरमाड़ा के टोड़ी मोड़ बस स्टैंड से चौमूं लौटते समय भंवरलाल कुमावत और उनके छोटे भाई मंगलचंद कुमावत ने पिकअप चालक से 10 रुपए किराए में छोड़ने की बात कही थी। चौमूं के एनएच-52 स्थित भोजलावा कट पर पहुंचने के बाद किराए को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई।

लोहे के हथियार से किया था हमला

विवाद बढ़ने पर आरोपी श्योपाल ने वाहन रोककर अपने पास रखे लोहे के धारदार हथियार से मंगलचंद कुमावत पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल मंगलचंद को अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।

17 गवाह और 57 दस्तावेज बने अहम साक्ष्य

घटना के बाद मृतक के भाई की शिकायत पर चौमूं थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच पूरी की और अदालत में आरोप-पत्र पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 17 गवाहों के बयान और 57 दस्तावेजी साक्ष्य अदालत में प्रस्तुत किए। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और 20 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।

Related Post