Thu, 08 06, 2026
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स्कूल वैन हादसे में बेटे की मौत के बाद पिता का दर्द: "अब कोई बच्चा नहीं मरना चाहिए":

कहकर गया था- भैया के आने से पहले पूरा घर सजाऊंगा

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बांसवाड़ा। स्कूल वैन हादसे में 16 वर्षीय हयान की मौत के बाद उसके पिता डॉ. राजेश वसानिया का दर्द छलक पड़ा। उन्होंने कहा कि बेटे की मौत का दुख तो जिंदगी भर रहेगा, लेकिन अब किसी और परिवार को ऐसा दर्द न झेलना पड़े। उन्होंने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए स्कूल बस व्यवस्था अनिवार्य करने की मांग की।

डॉ. राजेश वसानिया ने भावुक होकर कहा, "मेरे बच्चे को एक खरोंच तक नहीं थी। उसके सिर पर क्या चोट लगी, पता नहीं। नाक और कान से खून निकल रहा था। अस्पताल में डॉक्टरों ने काफी देर तक सीपीआर दी, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।"

उन्होंने बताया कि हादसे से पहले हयान ने घर से निकलते समय माता-पिता से "आई लव यू" कहा था और दोपहर दो बजे लौटकर बड़े भाई का जन्मदिन मनाने की बात कही थी। उसका बड़ा भाई वियतनाम से लौट रहा था और हयान ने उससे ड्रोन लाने की फरमाइश भी की थी। वह घर सजाने की तैयारी करने वाला था, लेकिन उससे पहले ही हादसे ने परिवार की खुशियां छीन लीं।

"स्कूल के बाहर ताला लगाऊंगा"

पिता ने कहा कि वह अब सिर्फ अपने बेटे के लिए नहीं, बल्कि सभी बच्चों की सुरक्षा के लिए लड़ेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अंतिम संस्कार के बाद स्कूल के बाहर ताला लगाकर बैठेंगे और जब तक सुरक्षित बस व्यवस्था नहीं होगी, किसी वैन या ऑटो को स्कूल में प्रवेश नहीं करने देंगे।

उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन से कई बार बस सुविधा शुरू करने की मांग की गई थी, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया। उनका कहना था कि अधिकांश वाहन गैस किट पर चल रहे हैं और बच्चों की सुरक्षा के मानकों की अनदेखी की जा रही है।

हादसे में एक छात्र की मौत, कई घायल

बुधवार सुबह करीब 7:30 बजे बच्चों को लेकर जा रही स्कूल वैन दाहोद मार्ग पर खड़े एक ट्रक से टकरा गई। हादसे में हयान की मौके पर मौत हो गई, जबकि सात अन्य बच्चे घायल हो गए। घायलों में से एक छात्र को गंभीर हालत में उदयपुर रेफर किया गया है, जबकि अन्य बच्चों का उपचार जारी है।

पुलिस ने वैन चालक नितिन मनारिया को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

प्रशासन से की यह मांग

डॉ. राजेश वसानिया ने जिला प्रशासन से मांग की कि सभी निजी स्कूलों में बच्चों के लिए सुरक्षित और मानक अनुरूप बस व्यवस्था अनिवार्य की जाए। उन्होंने कहा, "मैंने अपने बेटे की मौत स्वीकार कर ली है, लेकिन अब कोई और बच्चा वैन या ऑटो में जान गंवाए, यह मैं नहीं होने दूंगा।"

उन्होंने आमजन से भी बच्चों की सुरक्षा के इस अभियान में साथ देने की अपील की।

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