Thu, 08 06, 2026
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डूंगरपुर में दर्दनाक सड़क हादसा: तेज रफ्तार बोलेरो ने दो बाइकों को रौंदा, आरएसी हेड कॉन्स्टेबल समेत तीन की मौत:

स्थानीय लोगों ने चारों घायलों को डूंगरपुर जिला अस्पताल पहुंचाया

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डूंगरपुर। जिले के वरदा थाना क्षेत्र में रविवार रात तेज रफ्तार बोलेरो की टक्कर से हुए भीषण सड़क हादसे में 13वीं आरएसी बटालियन के हेड कॉन्स्टेबल समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद बोलेरो चालक वाहन सहित फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।

पहले एक बाइक को मारी टक्कर, फिर दूसरी को भी लिया चपेट में

वरदा थानाधिकारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि रविवार रात करीब 8:30 बजे आंतरी के पास तेज रफ्तार बोलेरो ने सबसे पहले एक बाइक को पीछे से टक्कर मार दी। बाइक पर 13वीं आरएसी बटालियन में तैनात हेड कॉन्स्टेबल धुलसिंह चौहान (55) और उनके चचेरे भाई महिपाल सिंह (54) सवार थे। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।

हादसे के बाद बोलेरो चालक वाहन लेकर भागने लगा। इसी दौरान उसने आगे चल रही दूसरी बाइक को भी टक्कर मार दी। इस बाइक पर दिनेश रोत (21) और संदीप (29) सवार थे, जो गंभीर रूप से घायल हो गए।

अस्पताल में दो की मौत, तीसरे ने उदयपुर में तोड़ा दम

स्थानीय लोगों ने चारों घायलों को डूंगरपुर जिला अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने धुलसिंह चौहान और दिनेश रोत को मृत घोषित कर दिया। गंभीर हालत में महिपाल सिंह को उदयपुर रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी भी मौत हो गई। घायल संदीप का उपचार डूंगरपुर अस्पताल में जारी है।

फरार बोलेरो चालक की तलाश में जुटी पुलिस

घटना की सूचना मिलते ही वरदा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने बोलेरो चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। दुर्घटना के कारणों की भी जांच की जा रही है।

ड्यूटी से घर लौट रहे थे हेड कॉन्स्टेबल

पुलिस के अनुसार हेड कॉन्स्टेबल धुलसिंह चौहान डूंगरपुर जिला कारागृह में तैनात थे। रविवार को ड्यूटी समाप्त होने के बाद वे अपने चचेरे भाई महिपाल सिंह के साथ बाइक से गांव लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में यह हादसा हो गया।

राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

हेड कॉन्स्टेबल धुलसिंह चौहान का उनके पैतृक गांव वरदा में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण, पुलिस अधिकारी एवं जवान शामिल हुए। पुलिस की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर देकर उन्हें अंतिम विदाई दी गई।

डीएमएलटी का छात्र था दिनेश रोत

हादसे में जान गंवाने वाले दिनेश रोत उदयपुर में डीएमएलटी (डिप्लोमा इन मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी) की पढ़ाई कर रहे थे। वह किसान परिवार से थे और अपने परिवार की बड़ी उम्मीद माने जाते थे। उनकी असमय मौत से गांव में शोक की लहर है।

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