Thu, 08 06, 2026
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जोधपुर में भ्रूण लिंग जांच का भंडाफोड़, नर्सिंग होम संचालक गिरफ्तार:

डिकॉय ऑपरेशन में गर्भवती महिला बनाकर भेजी, 50 हजार रुपए लेते ही टीम ने दबोचा

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जोधपुर। जोधपुर में पीसीपीएनडीटी सेल और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से भ्रूण लिंग जांच करने के आरोप में एक नर्सिंग होम संचालक को गिरफ्तार किया है। आरोपी कथित रूप से पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन को मोबाइल फोन से जोड़कर भ्रूण का लिंग बताता था। कार्रवाई के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

शिकायतों के बाद रचा गया डिकॉय ऑपरेशन

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. सुरेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि बनाड़ थाना क्षेत्र स्थित श्री सागर नर्सिंग होम के संचालक ओम प्रकाश चौधरी के खिलाफ लंबे समय से भ्रूण लिंग परीक्षण कराने की शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों के आधार पर जिला कलेक्टर आलोक रंजन के निर्देश पर पीसीपीएनडीटी सेल और पुलिस की संयुक्त टीम ने डिकॉय ऑपरेशन की योजना बनाई।

गर्भवती महिला को बुलाकर ले गया नर्सिंग होम

योजना के तहत एक गर्भवती महिला को डिकॉय ग्राहक बनाया गया। आरोपी ने महिला को 30 जुलाई को पावटा बुलाया। महिला के साथ एक पुलिसकर्मी उसके पति बनकर गया। बाद में आरोपी महिला को अपनी कार से बनाड़ स्थित नर्सिंग होम ले गया, जबकि कथित पति को रास्ते में उतार दिया। टीम लगातार आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी।

मोबाइल से जुड़ी पोर्टेबल मशीन से करता था जांच

पीसीपीएनडीटी सेल के अनुसार आरोपी पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन को मोबाइल फोन से जोड़कर एक विशेष एप के माध्यम से सोनोग्राफी की तस्वीरें देखता था और कथित रूप से भ्रूण का लिंग बताता था। टीम ने कार्रवाई के दौरान आरोपी को कथित रूप से भ्रूण लिंग परीक्षण करते हुए पकड़ लिया।

50 हजार रुपए लेने का आरोप, मशीन और नकदी जब्त

जांच में सामने आया कि आरोपी ने गर्भवती महिला से भ्रूण लिंग परीक्षण के लिए 50 हजार रुपए लिए थे। कार्रवाई के दौरान टीम ने नकद राशि, पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन और अन्य उपकरण जब्त कर लिए। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।

नेटवर्क की होगी जांच

पीसीपीएनडीटी सेल अब यह पता लगा रही है कि आरोपी कब से इस अवैध गतिविधि में शामिल था और उसके साथ अन्य कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है तथा साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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