Fri, 08 07, 2026
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ड्रग्स फैक्ट्री की सूचना पर पहुंची डीएसटी को मिली नकली घी की फैक्ट्री, 870 किलो मिलावटी घी जब्त:

ड्रग्स की सूचना पर खुला मिलावटी घी का गोरखधंधा

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बाड़मेर। जिले में ड्रग्स फैक्ट्री की सूचना पर पहुंची जिला स्पेशल टीम (डीएसटी) को बड़ी कार्रवाई के दौरान नकली घी बनाने की फैक्ट्री मिली। पुलिस ने मौके से 870 किलो तैयार मिलावटी घी, बड़ी मात्रा में पाम ऑयल, सोयाबीन तेल, रिफाइंड तेल, वनस्पति घी, मशीनें और पैकिंग सामग्री बरामद की है। मामले में फैक्ट्री संचालक जितेंद्र जैन और तिलोक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

ड्रग्स की सूचना पर खुला मिलावटी घी का खेल

रविवार को डीएसटी टीम को सूचना मिली थी कि सदर थाना क्षेत्र के सूरमल नगर रिंग रोड स्थित एक मकान में मादक पदार्थ तैयार किया जा रहा है। सूचना के आधार पर टीम ने सुबह मौके पर दबिश दी, लेकिन जांच के दौरान वहां अवैध रूप से मिलावटी घी बनाने की फैक्ट्री संचालित होती मिली।

भारी मात्रा में नकली घी और कच्चा माल बरामद

तलाशी के दौरान पुलिस को करीब 870 किलो तैयार मिलावटी घी, 1660 किलो पाम ऑयल, 360 किलो सोयाबीन तेल, 240 किलो रिफाइंड तेल, 75 किलो खारिया ब्रांड घी तथा 370 किलो श्री हरि वनस्पति बरामद हुई। इसके अलावा घी तैयार करने वाली मिक्सिंग मशीनें, पैकिंग मशीनें और बड़ी संख्या में पैकिंग सामग्री भी जब्त की गई।

असली घी में पाम ऑयल मिलाकर बनाते थे नकली घी

प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी बाजार और डेयरी से क्रीम खरीदकर पहले उससे असली घी निकालते थे। इसके बाद उसमें 30 से 35 प्रतिशत पाम ऑयल मिलाया जाता था। घी को दानेदार दिखाने के लिए विशेष वनस्पति मिलाई जाती थी, जिससे मिलावटी घी असली जैसा दिखाई देता था। तैयार मिश्रण को मशीनों से प्रोसेस कर पैकिंग के बाद 'श्री शिव गौरी' ब्रांड के नाम से करीब 650 रुपये प्रति किलो की दर से बाजार में बेचा जाता था।

25 दिनों से चल रही थी फैक्ट्री

पुलिस जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री पिछले 25 से 30 दिनों से संचालित हो रही थी। इस दौरान करीब 870 किलो मिलावटी घी तैयार किया गया। फैक्ट्री में लगी मशीनें गुजरात के डीसा और अहमदाबाद से मंगाई गई थीं।

स्वास्थ्य विभाग ने लिए सैंपल, जांच शुरू

डीएसटी की सूचना पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। फूड इंस्पेक्टर राजेश कुमार जागिड़ ने तैयार घी और अन्य कच्चे माल के नमूने लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं। साथ ही मौके से मिले जीएसटी नंबर और लाइसेंस की भी जांच की जा रही है कि संबंधित फर्म को उत्पादन की वैध अनुमति थी या नहीं।

पुलिस यह भी पता लगा रही है कि तैयार किया गया मिलावटी घी अब तक बाजार में कितनी मात्रा में सप्लाई किया गया और इस अवैध कारोबार में अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं। मामले की जांच जारी है।

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