Thu, 08 06, 2026
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चित्तौड़गढ़ में ANTF की बड़ी कार्रवाई: तबेले से 2 करोड़ का 12.71 क्विंटल डोडा चूरा बरामद, तीन लग्जरी गाड़ियां जब्त:

भैंसों के तबेले को बनाया था सेफ हाउस

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चित्तौड़गढ़। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने जिले के बस्सी थाना क्षेत्र में नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब दो करोड़ रुपये कीमत का 12 क्विंटल 71 किलो 730 ग्राम डोडा चूरा बरामद किया है। तस्करों ने इस खेप को तीन लग्जरी वाहनों में भरकर एक भैंसों के तबेले में छिपा रखा था। हालांकि पुलिस की कार्रवाई से पहले आरोपी मौके से फरार हो गए।

तीन लग्जरी गाड़ियां, हथियार और कारतूस जब्त

संयुक्त कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो स्कॉर्पियो-एन और एक टाटा सफारी की तलाशी ली, जिनमें रखे 72 कट्टों से डोडा चूरा बरामद हुआ। इसके अलावा एक 12 बोर की दो नाली बंदूक, एक पंप एक्शन गन और 47 जिंदा कारतूस भी जब्त किए गए। पुलिस ने तीनों वाहनों और बरामद सामान को कब्जे में लेकर मामला दर्ज कर लिया है।

महीनों की निगरानी के बाद मिली सफलता

पुलिस महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि ANTF को कई महीनों से सूचना मिल रही थी कि मध्यप्रदेश से बड़ी मात्रा में डोडा चूरा चित्तौड़गढ़ और आसपास के क्षेत्रों में पहुंचाया जा रहा है। इसके बाद देसूरी की नाल, उदयपुर, प्रतापगढ़, भीम, देवगढ़ और राजसमंद की ओर आने वाले मार्गों पर लगातार निगरानी और नाकाबंदी की गई। जांच में सामने आया कि तस्कर पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए एस्कॉर्ट वाहन का उपयोग करते थे और पुलिस की हलचल देखते ही खेप को सुरक्षित स्थान पर छिपा देते थे।

चोरी की गाड़ियों से हो रही थी तस्करी

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि तस्करी में इस्तेमाल की जा रही गाड़ियों की पहचान छिपाने का प्रयास किया गया था। टाटा सफारी पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी और उसके दिल्ली से चोरी होने की आशंका है। एक स्कॉर्पियो पर गुजरात की नंबर प्लेट लगी मिली, जबकि उसके नोएडा से चोरी होने की संभावना जताई गई है। दूसरी स्कॉर्पियो-एन के चेसिस और इंजन नंबर भी घिसे हुए मिले हैं। पुलिस सभी वाहनों की वास्तविक पहचान की जांच कर रही है।

पूरे नेटवर्क की जांच, फरार तस्करों की तलाश जारी

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि डोडा चूरा कहां से लाया गया, इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था और पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं। साथ ही तबेले का उपयोग किसकी जानकारी में किया जा रहा था और स्थानीय स्तर पर किसकी भूमिका रही, इसकी भी जांच की जा रही है। फरार तस्करों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित कर मध्यप्रदेश और राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों में तलाश शुरू कर दी गई है। 

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