Thu, 08 06, 2026
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सेटबैक विवाद में बुजुर्ग की पीट-पीटकर हत्या, आरोपी का अवैध निर्माण ध्वस्त:

मॉर्च्युरी पर इकट्‌ठा हुए लोग, जताया आक्रोश

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उदयपुर। शहर के प्रताप नगर थाना क्षेत्र स्थित ओस्तवाल नगर में मकान के सेटबैक को लेकर चल रहे विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। तीन युवकों ने 68 वर्षीय फाइनेंसर सागरमल मेहता की लात-घूंसों से कथित रूप से पीट-पीटकर हत्या कर दी, जबकि उनके बेटे राहुल मेहता भी घायल हो गए। घटना के बाद परिजनों और समाज के लोगों के विरोध के बीच उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) ने मुख्य आरोपी के अवैध निर्माण वाले हिस्से को ध्वस्त कर दिया।

लंबे समय से चल रहा था विवाद

जानकारी के अनुसार, सागरमल मेहता के घर के पीछे रहने वाले प्रवीण सिंह आसोलिया से मकान के सेटबैक को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। मंगलवार शाम इसी बात पर दोनों पक्षों में कहासुनी हुई, जो मारपीट में बदल गई। आरोप है कि प्रवीण सिंह, उसके चचेरे भाई अनुराग और एक अन्य युवक ने सागरमल मेहता तथा उनके बेटे राहुल पर हमला कर दिया। गंभीर चोटों के कारण सागरमल मेहता की मौत हो गई।

परिजनों ने पुलिस पर लगाए आरोप

मृतक के बेटे राहुल मेहता ने आरोप लगाया कि घटना के बाद आरोपी स्वयं थाने पहुंचकर उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराने लगे, लेकिन पुलिस ने तत्काल कार्रवाई नहीं की। वहीं मृतक की पुत्री प्रीति मेहता ने कहा कि उनके पिता ने आरोपी के कथित अवैध निर्माण के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की थी और उसी रंजिश में यह हमला किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि मारपीट में उनके पिता की पसलियां तक टूट गईं।

मॉर्च्युरी पर प्रदर्शन, कार्रवाई की मांग

बुधवार को एमबी अस्पताल की मॉर्च्युरी के बाहर बड़ी संख्या में परिजन, समाज के लोग और स्थानीय नागरिक एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की गिरफ्तारी, अवैध निर्माण ध्वस्त करने और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की। लोगों ने चेतावनी दी कि जब तक कार्रवाई नहीं होगी, वे शव नहीं उठाएंगे।

आरोपी का अवैध निर्माण तोड़ा गया

प्रदर्शन के दौरान उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा और यूडीए अधिकारियों से वार्ता के बाद यूडीए ने बुधवार दोपहर मुख्य आरोपी के मकान के अवैध निर्माण वाले हिस्से पर बुलडोजर चलाकर उसे ध्वस्त कर दिया।

तीनों आरोपी हिरासत में

एडिशनल एसपी उमेश ओझा ने बताया कि मामले की जांच डीएसपी छवि शर्मा को सौंपी गई है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।

यह घटना एक बार फिर संपत्ति विवादों को लेकर बढ़ती हिंसा और समय पर विवादों के समाधान की आवश्यकता को उजागर करती है।

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