Thu, 08 06, 2026
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राजस्थान PCPNDT टीम की बड़ी कार्रवाई, भ्रूण लिंग परीक्षण गिरोह का दलाल गिरफ्तार:

हरियाणा के डबवाली में डिकॉय ऑपरेशन, 36,500 रुपए में कराया जा रहा था अवैध परीक्षण

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जयपुर। राजस्थान सरकार की पीसीपीएनडीटी (PCPNDT) टीम ने अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए हरियाणा के डबवाली से गिरोह के कथित दलाल राकेश कुमार को गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से राजस्थान और हरियाणा के सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण का नेटवर्क संचालित कर रहा था। वह वर्ष 2019 में भी पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत गिरफ्तार हो चुका था।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के मिशन निदेशक डॉ. जोगाराम ने बताया कि पीसीपीएनडीटी टीम पिछले छह माह से आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी। पुख्ता सूचना मिलने पर टीम ने सुनियोजित डिकॉय ऑपरेशन की योजना बनाई।

36,500 रुपए में हुआ था सौदा

योजना के तहत एक गर्भवती महिला को डिकॉय ग्राहक बनाकर आरोपी से संपर्क कराया गया। आरोपी ने भ्रूण लिंग परीक्षण कराने के लिए 36,500 रुपए की मांग की। सौदा तय होने के बाद वह महिला को हरियाणा के डबवाली स्थित एक निजी अस्पताल लेकर गया, जहां पहले से मौजूद पीसीपीएनडीटी टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।

अस्पताल से रिकॉर्ड और दस्तावेज जब्त

डॉ. जोगाराम ने बताया कि सोनोग्राफी और अन्य जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आरोपी ने कथित रूप से भ्रूण का लिंग बताकर महिला को बाहर भेजा। इसी दौरान टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान अस्पताल से सोनोग्राफी रिकॉर्ड, दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी जब्त किए गए हैं। अब अस्पताल प्रबंधन की भूमिका और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच की जा रही है।

झूठी जानकारी देकर कराते थे गर्भपात

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह कथित रूप से कई मामलों में गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों को भ्रूण के लिंग के बारे में झूठी जानकारी देकर गुमराह करता था। आरोप है कि गर्भ में बेटी होने की गलत सूचना देकर गर्भपात के लिए उकसाया जाता था और इसके बदले मोटी रकम वसूली जाती थी।

एनएचएम के अनुसार आरोपी हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर और बीकानेर सहित सीमावर्ती जिलों से गर्भवती महिलाओं को हरियाणा ले जाकर अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण करवाता था।

2019 में भी हो चुका है गिरफ्तार

इस डिकॉय ऑपरेशन का नेतृत्व बीकानेर के संयुक्त निदेशक डॉ. देवेंद्र चौधरी ने किया। कार्रवाई में पीबीआई थाना पुलिस और पीसीपीएनडीटी समन्वयकों की टीम भी शामिल रही। वर्ष 2019 में भी आरोपी राकेश कुमार को इसी तरह की कार्रवाई में गिरफ्तार किया गया था और संगरिया स्थित उसका अल्ट्रासाउंड सेंटर सीज किया गया था। कुछ वर्षों तक शांत रहने के बाद वह फिर से इस अवैध कारोबार में सक्रिय हो गया था, जिसे अब दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया।

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