केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि प्रदेश में गत चार पांच साल से किस्सा कुर्सी का चला। कुर्सी बचाने के लिए शक्ति लगती रही, कोई कुर्सी छोड़ने को तैयार नहीं था। इसका खामियाजा प्रदेश की सात करोड़ जनता को खून के आंसू रोने व अपमान का घूंट पीने को मजबूर होना पड़ा। शेखावत वैशालीनगर स्थित एक होटल में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पूर्व में डबल इंजन की सरकार ने अग्रणी प्रदेशों में शामिल कर दिया, लेकिन आज सरकार बदलने के बाद राजस्थान सभी पैरामीटर्स में अंतिम पायदान पर आ गया है। मासूूमों संग बलात्कार व जलाने की घटनाओं की पराकाष्ठा हो गई। प्रदेश बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार, पेपरलीक प्रकरण महिला अत्याचार में शीर्ष पर है। उन्होंने कहा कि योजनाओं की घोषणा करना काफी नहीं वरन इनका क्रियान्वयन होना चाहिए। जलजीवन मिशन के परिप्रेक्ष्य में जांच की शुरुआत में भ्रष्टाचार की शिकायतें आईं। इम्प्लिमेंटेशन में फेल्यर की शिकायतें आ रही थीं।
वोटबैंक के लिए तुष्टिकरण की नीति
उन्होंने कहा कि राजस्थान में वोट बैंक बनाए रखने के लिए तुष्टिरण हुआ। सांप्रदायिक घटनाएं हुई करौली, भीलवाड़ा, जोधपुर में सांप्रदायिक दंगे हुए।
डायरी छीनने के लिए रग्बी प्रतियोगिता
लाल डायरी की चर्चा के बाद विधानसभा में डायरी को छीनने के लिए रग्बी के जैसा कॉम्पिटिशन हो रहा था। नीचे गिराकर लात-घूंसों से पीटा जा रहा था। डायरी छीनकर उसके बाद में उसे विजय पताका की तरह फहराया जा रहा था। डायरी में काले चिट्ठे हैं। अन्नपूर्णा घोटाला, मोबाइल खरीद घोटाला, माइनिंग में भेदभाव व घोटाले सभी के सामने हैं।
