विधानसभा चुनाव इस बार हाइटेक हो गए हैं। भाजपा-कांग्रेस के आईटी-सोशल मीडिया एक्सपर्ट युवाओं, कार्यकर्ताओं ने प्रचार-प्रसार की कमान संभाल ली है। युवाओं की टीम दिन-रात फेसबुक, यू-ट्यूब, एक्स, इंस्टाग्राम पर वीडियो, मीम्स, नेताओं के भाषण वायरल करने- मैसेज भेजने के अलावा प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की खबरों की शेयररिंग में जुटे हैं। स्मार्ट मोबाइल, ईयरफोन-बड्स और ब्लू टूथ और लेपटॉप, पीसी जैसे हाइटेक गैजेट्स का इस्तेमाल किया जा रहा है।
भाजपा आईटी वार रूम
भाजपा ने आईटी वार रूम को तीन हिस्सों में विभाजित किया है। अनिल आसनानी, दिनेश खंडेलवाल फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम पर बड़े नेताओं की पोस्ट शेयर करने, मीम्स, मैसेज शेयरिंग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वेबसाइट को 24 घंटे चेक करने, ई-मेल, मतदाताओं, कार्यकर्ताओं के लिए नए मैसेज डालने, कॉल सेंटर के मैसेज अटेंड करने, वेबसाइट को अपडेट करने की जिम्मेदारी दिनेश अग्रवाल देख रहे हैं। साइट पर राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय नेताओं के जुड़ने के कारण सक्रियता ज्यादा है।
अजमेर संभाग की 26 विधानसभा सीट पर सोशल मीडिया, आईटी, प्रिंट-इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की जिम्मेदारी रचित कच्छावा पर है। वह खबरें-वीडियो शेयर करने के अलावा सभी जिलों के मीडिया कॉर्डिनेटर से समन्वय कर रहे हैं।
कांग्रेस ने दी प्रोफेशनल को जिम्मेदारी
कांग्रेस ने कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश के चुनाव की तर्ज पर आईटी प्रोफेशनल टीम को जिम्मेदारी दी है। टीम ग्राउन्ड सर्वेक्षण के साथ-साथ एआईसीसी-पीसीसी से आने वाले कार्यक्रम के अनुसार कामकाज कर रही है। बेंगलूरू, चेन्नई, मुंबई सहित विभिन्न शहरों के युवाओं को आईटी, फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, प्रिंट-इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की जिम्मेदारी दी गई। प्रत्याशी घोषित होते ही टीम सक्रिय होगी। राष्ट्रीय स्तर के नेताओं के भाषण को वायरल करना, भाजपा और कांग्रेस की नीतियों में फर्क समझाते हुए मीम्स ट्रोल करना, मैसेज फारवर्ड, यू-ट्यूब पर वीडियो अपलोडिंग कार्य प्रमुख है।
दीवारें रंगना बीते जमाने की बातें...
करीब 25-30 साल साल पहले तक विधानसभा चुनाव का दायरा दीवारों पर नारे लिखने, पोस्टर चिपकाने, शहर में पोस्टर-होर्डिंग लगाने तक सिमटा हुआ था। यह अब बीते जमाने की बात हो गई है। पूर्व चुनाव आयुक्त टी. एन. शेषन के सख्त चुनाव सुधारों के चलते अब हालात बदल चुके हैं। प्रशासन-पुलिस संस्थाओं की सख्ती के चलते पार्टियों-नेताओं ने चुनाव प्रचार का तरीका बदल लिया है। अब सोशल मीडिया जैसा सशक्त माध्यम उपलब्ध है। इसके जरिए नेता, युवा और प्रोफेशल टीम मतदाताओं तक वीडियो, ऑडियो क्लिप, संदेश पहुंचा रहे हैं।
दूसरे राज्यों से बुलाया युवाओं को
विधानसभा चुनाव के लिए अजमेर सहित देश के विभिन्न राज्यों के कॉलेज और विश्वविद्यालयों में पढऩे वाले छात्र-छात्राओं की सेवाएं भी ली जा रही हैं। चुनाव प्रचार शुरू होने के साथ समर्थकों को ओपन जीप, लग्जरी कार, बुलेट, तेज रफ्तार वाली बाइक्स के साथ बुलाया गया है।
