चुनाव मैदान में उतरे नेताजी जीत हासिल करने के लिए कोई कसर नहीं छोडऩा चाहते हैं। ऐसे में आध्यात्मिक और वैदिक शक्तियों को अनुकूल बनाने के लिए हवन पूजन और अनुष्ठान की तैयारी भी जारी है। ज्योतिषविद् और पंडितों के परामर्श पर पूजन-अनुष्ठान के लिए स्थान, समय, सामग्री जुटाई जा रही है। कुछ उम्मीदवार घर पर ही अनुष्ठान करा रहे हैं तो कुछ ने वैर स्थित पीठ, कामां स्थित केन्द्र, शहर के मंदिरों में पूजन-अनुष्ठान कराने का निर्णय लिया है। पं. मनु मुदगल के अनुसार परामर्श पर कई प्रकार के अनुष्ठान कराए जा रहे हैं। इनमें साधना व जप, दुर्गासप्तशती सम्पुट, आदित्य हृदय स्तोत्र, हनुमान वडवानल स्तोत्र, सुंदरकांड पाठ शामिल है। चुनाव में जीत के लिए मुख्य रूप से सूर्यदेव की आराधाना, देवी का जप और बजरंगबली की आराधना की जा रही है। इसके साथ ही सहस्त्र चंडी पाठ, शत चंडी पाठ भी कराया जा रहा है। आयोजन दल की सीमाओं के परे हो रहे हैं।
पूछ रहे-कौन से मंत्र का जाप करें?
ज्योतिषविद् चुनाव में जीत के लिए कौन सा मंत्र जाप करें, क्या अनुष्ठान कराएं, ऐसे सवालों को लेकर कई नेताजी पहुंच रहे हैं। ज्यादातर देवी आराधना, सूर्य उपासना से लेकर बजरंगबली से संबंधित अनुष्ठान करा रहे हैं। ज्योतिषाचार्य शतचंडी पाठ, सहस्त्रचंडी पाठ समेत अन्य अनुष्ठान चुनाव में जीत के लिए कराने उम्मीदवारों का आना जारी है। कुछ उम्मीदवार अपनी कुंडली में ग्रहों को अनुकूल बनाने के लिए राहु, शनि ग्रह की शांति के उपाय भी करा रहे हैं। अब चुनाव के दिनों में पुरानी तरकीबों को लेकर भी कुछ नेताजी सक्रिय है जिनमें वे पुराने तरीकों को अपना रहें हे।
घर व कार्यालय में वास्तु परामर्श
ज्योतिषविदों की सलाह पर कई नेता अपने चुनाव कार्यालय व घर के लिए वास्तु परामर्श ले रहे हैं। इनमें कार्यालय व घरों की मुख्य दीवार पर फोटो व टेबिल पर मूर्ति लगाई जा रही है। विशेष रंग के बल्ब भी परामर्श अनुसार कार्यालय में लगाए गए हैं।
दिशा तय कर दे रहे भाषण
कुछ उम्मीदवार एक तय दिशा की तरफ मुख कर ही भाषण दे रहे हैं। इसके लिए आयोजन स्थल के व्यवस्थापकों को पहले ही बता दिया जाता है कि जनता को संबोधित करते समय उम्मीदवार का मुंह किस दिशा में रहेगा। मंच की ऊंचाई पर भी वास्तु परामर्श किया गया है।
ंकुंडली अनुसार जप और ग्रह शांति
कुछ उम्मीदवारों ने फॉर्म भरने से लेकर मतगणना के दिन तक के लिए 1100 से लेकर 11 हजार और एक लाख तक जप कराने का संकल्प लिया है। कुछ उम्मीदवार कुंडली में ग्रहों की चाल को अनुकूल बनाने के लिए राहु व शनि सहित अन्य ग्रहों की शांति के लिए हवन व पाठ भी करा रहे हैं।
