Thu, 08 06, 2026
देश

चुनाव ड्यूटी अब आसानी से नहीं होगी निरस्त, नहीं चलेगा कोई बहाना:

बेटे-बेटी या खुद की शादी पर ही मिलेगी ड्यूटी से राहत, रिश्तेदारों को करनी होगी ड्यूटी

post-img

अगले माह होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर निर्वाचन विभाग तैयारियों में जुटा है। चुनाव सम्पन्न कराने के लिए कर्मचारियों एवं अधिकारियों की ड्यूटी भी लगाई जा रही है। चुनाव में ड्यूटी से नाम कटवाने के लिए कुछ अधिकारी और कर्मचारी तरह-तरह के जुगाड़ लगा रहे हैं। वे इसके लिए तरह-तरह के जतन कर रहे हैं। कोई बीमारी का कारण बता रहा है तो किसी ने शादी के चलते जिला निर्वाचन कार्यालय में चुनाव ड्यूटी से नाम काटने के लिए अर्जी दी है।
इधर, जिला निर्वाचन विभाग ने भी चुनाव ड्यूटी निरस्त करवाने के लिए ऐसे मापदंड तय किए हैं कि कोई भी आसानी से अपनी ड्यूटी निरस्त नहीं करवा सकेगा। बीमारी का बहाना बनाकर ड्यूटी से बचने का प्रयास करने वालों के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. अमित यादव ने जेएलएन अस्पताल के पीएमओ की अध्यक्षता में एक मेडिकल बोर्ड गठित किया है, जिसकी जांच के बाद ही आगे का निर्णय किया जाएगा। रिपोर्ट सही पाए जाने पर ही बीमार कर्मचारी व अधिकारी को चुनाव में ड्यूटी करने से मुक्ति मिलेगी।
गौरतलब है कि राजस्थान में इन दिनों विधानसभा चुनाव का मौसम है। ऐसे में जिले के अलग-अलग विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को चुनाव ड्यूटी में तैनात किया जा रहा है। अब ड्यूटी निरस्त करवाने के लिए सैकड़ों आवेदन जिला निर्वाचन कार्यालय में पहुंच रहे हैं। चुनाव आयोग ने आमजन के विरोध के बाद राजस्थान में मतदान की तारीख भले ही 23 की बजाए 25 नवम्बर कर दी, लेकिन फिर भी जिनके घर में शादी-विवाह है, उनके लिए ड्यूटी करना काफी मुश्किल होगा। 23 नवम्बर को देवउठनी एकादशी का बड़ा सावा होने के चलते शादियां भी कई हैं, ऐसे में जिनके घर-परिवार में शादी है, वे चुनावी ड्यूटी निरस्त कराने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि ड्यूटी केवल उन्हीं की निरस्त होगी, जो दूल्हा या दुल्हन के बहुत नजदीकी रिश्तेदार हैं, जैसे पिता, भाई, बहन, मां।

 

Related Post