राजनीति में आने की महत्वाकांक्षा हर किसी की होती है लेकिन राजनीति में भाग्य आजमाने का सुअवसर कम ही लोगों को मिल पाता है। देश के बड़े राजनीतिक दल हर बार ये आश्वासन देते हैं कि वे युवाओं को मौका देंगे लेकिन ऐसा बहुत कम होता है। दशकों से राजनीति में सक्रिय रहने वाले मठाधीश नए चेहरों को आगे नहीं आने देते। कभी कभी राजनीतिक दल कुछ युवाओं या नए चेहरों को मौका देते हैं जो अलग अलग फील्ड में ख्याति प्राप्त हो। इस बार के चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस ने 15 ऐसे चेहरों को मौका दिया है जो पहली बार चुनाव लड़ेंगे।
जयपुर से गोपाल शर्मा, रवि नैयर, उपेन यादव और बालमुकुंद आचार्य
1. गोपाल शर्मा - जयपुर के रहने वाले गोपाल शर्मा दैनिक समाचार पत्र महानगर टाइम्स के संपादक हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उनका बड़ा नाम है। वे संघ के घनिष्ठ कार्यकर्ता हैं। साधु संतों और वीरांगनाओं के सम्मान में वे कई कार्यक्रमों का आयोजन कर चुके हैं। जयपुर का जाना माना नाम है। पिछले चुनाव के दौरान ही उन्होंने बीजेपी से टिकट मांगा लेकिन नहीं मिला। इस बार भी सांगानेर से टिकट मांगा। पार्टी ने उन्हें सिविल लाइंस से प्रत्याशी बनाया है।
2. उपेन यादव - जयपुर जिले के शाहपुरा के रहने वाले उपेन यादव पिछले 12 साल से बेरोजगार युवाओं के लिए संघर्ष करते आए हैं। प्रदेश में चाहे भाजपा की सरकार हो या कांग्रेस की। वे हर सरकार से टकराते आए हैं। युवाओं की मांगों को लेकर सैकड़ों बार आंदोलन किए। दर्जनों बार जेल गए। उपेन के संघर्ष से सरकारों को कई बार झुकना पड़ा। इस बार भाजपा ने शाहपुरा से उन्हें प्रत्याशी बनाया है।
3. बाल मुकुंद आचार्य - जयपुर की हाथोज धाम के महंत बालमुकुंद आचार्य पिछले कुछ सालों में कट्टर हिन्दू संत के रूप में आगे आए हैं। वे विश्व हिन्दू परिषद और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े हैं। एक कथावाचक होने के साथ वे हिन्दुओं के साथ अन्याय होने के मामलों में धरना प्रदर्शन भी करते आए हैं। अब भाजपा ने उन्हें जयपुर की हवामहल विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाया है।
