लोकतंत्र के पर्व में मतदाताओं की ज्यादा से ज्यादा भूमिका तय करन के लिए चुनाव आयोग नई तकनीक का सहारा ले रहा है।आयोग की ओर से मतदान बढ़ाने के लिए छह एप का सहारा लिया जा रहा है। निर्भिक व निष्पक्ष मतदान के लिए चुनाव आयोग मतदाताओं की शिकायतों का तुरंत निराकरण करने से लेकर मतदाताओं को वोट का महत्व बताने तक सभी उपाय करने में जुटा है। तकनीक के उपयोग का ही नतीजा है कि जिले में विधानसभा चुनाव में हर बार मतदान प्रतिशत में वृद्धि हुई।
मतदान बढ़ाने के लिए इस बार विधानसभा चुनाव में तकनीकी का उपयोग ज्यादा होगा। चुनाव आयोग मतदाताओं को जागरूक करने के लिए एप का सहारा ललेगा। इन एप के जरिए मतदाताओं को चुनाव संबंधी जानकारी ऑनलाइन हो सकेगी। ये एप युवाओं के लिए कारगर साबित हो रहे हैं।
वोटर हैल्प लाइन
इस एप में मतदाता सूची में नाम जोडऩे, नाम, पता संशोधन करने, नाम हटाने, वोटर आईडी को आधार से लिंक करने, मतदाता सूची में नाम खोजने, मतदान केन्द्र विवरण, ई-एपिक डाउनलोड करने की सुविधा हैं। इससे व्यक्ति अपनी वोटर आईडी घर बैठे प्राप्त कर सकता है। वोटर आईडी में संशोधन कर सकता है। इसमें दिए गए विकल्प के अनुसार आवेदन करना होगा।
सक्षम
विशेष योग्यजन नागरिकों की सुविधा के लिए है। इसके माध्यम से दिव्यांग पंजीकरण और संशोधन करा सकते हैं। व्हील चेयर के लिए आवेदन, मतदाता सूची में नाम खोजने, बूथ की जानकारी कर सकते हैं। इसके साथ ही दिव्यांग को घर बैठे वोट देने की सुविधा मिलेगी।
वोटर टर्नआउट
इस एप के माध्यम से आमजन मतदान दिवस के दिन मतदाता प्रतिशत देख सकते हैं।
सी विजिल
इस एप की मदद से मतदान केन्द्र पर किसी भी संदिग्ध व्यक्ति और गड़बड़ी की सूचना दी जा सकती है। उम्मीदवार अगर किसी को प्रलोभन दे रहा है तो सूचना दी जा सकती है। इसमें वीडियो और ऑडियो की सुविधा भी है। इसमें शिकायत के बाद 100 मिनट के अंदर निवारण होगा।
केवाईसी
इस एप का मतलब है नो योर कंडिडेट। इसमें मतदाता अपने उम्मीदवार की सारी जानकारी प्राप्त कर सकता है। उम्मीदवार कितना पढ़ा हुआ है या फिर उसके पास प्रोपर्टी कितनी और उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि की जानकारी हासिल की जा सकती है।
सुविधा कैंडिडेट
यह एप उम्मीदवारों को उनके नामांकन और चुनाव प्रचार आदि से संबंधित चाही गई अनुमति की स्थिति की जांच करने की सुविधा देता है।
