Thu, 08 06, 2026
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जयपुर में छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग पर पानी की टंकी पर चढ़े 3 एनएसयूआई नेता, प्रशासन अलर्ट:

अमित शाह के इस्तीफे और छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग, टोंक रोड पर हाई वोल्टेज प्रदर्शन

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जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय के तीन एनएसयूआई छात्र नेताओं ने गुरुवार सुबह जयपुर के टोंक रोड स्थित गांधी नगर रेलवे स्टेशन के पास रेलवे की पानी की टंकी पर चढ़कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे तथा राजस्थान में चार वर्षों से बंद छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग कर रहे हैं।

तीन छात्र नेता टंकी पर चढ़े, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

प्रदर्शन में राजस्थान विश्वविद्यालय के एनएसयूआई प्रभारी विजयपाल कुड़ी, उपाध्यक्ष कोशेन खान और सदस्य वियोना जाट शामिल रहे। तीनों हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।

सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन, रेलवे अधिकारी, सिविल डिफेंस, फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस मौके पर पहुंच गई। किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के लिए टंकी के चारों ओर सुरक्षा जाल लगाया गया तथा अधिकारियों ने लगातार छात्रों से नीचे उतरने की अपील की।

ट्रैफिक हुआ प्रभावित, समर्थकों को पुलिस ने रोका

प्रदर्शन के कारण टोंक रोड पर यातायात प्रभावित हुआ। टंकी के पास छात्रों के समर्थक भी पहुंचने लगे, लेकिन पुलिस ने सुरक्षा कारणों से उन्हें मौके पर रुकने नहीं दिया और क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।

एसडीएम ने कहा- ज्ञापन लेकर समाधान का प्रयास करेंगे

एसडीएम नॉर्थ श्रीकांत व्यास ने मौके पर पहुंचकर छात्र नेताओं से बातचीत की। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों को लेकर उनका ज्ञापन लिया जाएगा और संबंधित स्तर पर भेजा जाएगा। प्रशासन लगातार शांतिपूर्ण समाधान का प्रयास कर रहा है।

अनशन पर बैठे छात्र नेता शुभम रेवाड़ को अस्पताल भेजा

इधर, राजस्थान विश्वविद्यालय परिसर में छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर पिछले आठ दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता शुभम रेवाड़ को पुलिस ने स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला देते हुए एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया। इस कार्रवाई के दौरान परिसर में कुछ देर हंगामे की स्थिति रही और समर्थक छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया।

छात्र नेताओं की प्रमुख मांगें

प्रदर्शनकारी छात्र नेताओं ने कहा कि उनकी प्रमुख मांगें हैं—

  • दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की जवाबदेही तय की जाए।
  • केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस्तीफा दें।
  • राजस्थान में पिछले चार वर्षों से बंद छात्रसंघ चुनाव तत्काल बहाल किए जाएं।

छात्र नेताओं का कहना है कि छात्रसंघ चुनाव लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और चुनाव नहीं होने से विद्यार्थियों को अपना प्रतिनिधि चुनने का अधिकार नहीं मिल रहा है। वहीं प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और छात्रों को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास जारी हैं।

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