Fri, 08 07, 2026
देश

सोशल मीडिया पर आचार संहिता का उल्लंघन, नेताओं का चल रहा प्रचार:

प्रशासन की अनदेखी: मीडिया सर्टिफिकेशन ऑफ मॉनिटरिंग कमेटी नहीं कर रही कार्रवाई

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राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए निर्वाचन विभाग द्वारा 9 सितम्बर को आचार संहिता लागू होते ही विधानसभाओं में जिला निर्वाचन अधिकारियों के निर्देश पर निर्वाचक एवं रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों ने नेताओं के झण्डे-बैनर व होर्डिंग्स हटवा दिए। आचार संहिता की पालना नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के भी निर्देश दिए हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर नेताओं का प्रचार चल रहा है। हालांकि सोशल मीडिया पर आचार संहिता के बाद वाले विज्ञापनों पर कार्रवाई के लिए मीडिया सर्टिफिकेशन ऑफ मॉनिटरिंग कमेटी बनी होती है, वहीं कार्रवाई करती है। जयपुर ग्रामीण की बस्सी, जमवारामगढ़ व चाकसू विधानसभा में सोशल मीडिया पर नेता एवं उनके समर्थकों ने प्रचार प्रसार की धमाल मचा रखी है।
नेता व समर्थक कर रहे वाहवाही
विधानसभा चुनाव को लेकर नेता व समर्थक पिछले कई माह से प्रचार कर रहे थे। कहीं पर पोस्टर, होर्डिंग्स लगाए जा रहे थे। आचार संहिता के बाद पाबंदी लग गई, लेकिन सोशल मीडिया पर नेता व समर्थक अभी भी प्रचार कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर प्रचार पर कोई पाबंदी नहीं होने से बैनर-पोस्टर बनाने वाले प्लेटफार्म को नुकसान हो रहा है। नेता एवं उनके समर्थक कम खर्च में ही सोशल मीडिया पर प्रचार कर रहे हैं। 
बना रखे हैं सोशल मीडिया विंग
राजस्थान विधानसभा चुनाव में प्रचार के लिए विधानसभा चुनाव लड़ने वाले अधिकांश नेताओं की अपनी टीम है। यह टीम सोशल मीडिया पर काम करती है। यहां तक कि नेता ही नहीं राजनीतिक पार्टियों ने सोशल मीडिया ग्रुप बनाकर सोशल मीडिया प्रभारी, सहप्रभारी आदि की नियुक्तियां भी की हैं।


 

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