Thu, 08 06, 2026
देश

प्रियंका गांधी की जनसभा से दूर होगी कांग्रेस संगठन में छाई सुस्ती:

जिले में कई दिनों से ठप हो गई थी आंतरिक गतिविधियां

post-img

दौसा जिले के सिकराय विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी की सभा 20 अक्टूबर को प्रस्तावित है। इस सभा से कांग्रेस संगठन में कई दिनों से छाई सुस्ती दूर होगी। सभा से कांग्रेस में जान फूंकने का प्रयास होगा। गौरतलब है कि बीते कई दिनों से कांग्रेस में संगठन की गतिविधियां ठप पड़ी हैं। खासकर आचार संहिता लगने के बाद एक भी बैठक नहीं हुई है और ना ही राष्ट्रीय या प्रदेश स्तर से नेता आए हैं। इससे पूर्व भी मंत्री व विधायकों की ओर से उद्घाटन व शिलान्यास कार्यक्रमों के बहाने गतिविधियां हो रही थी, लेकिन आचार संहिता के बाद वह भी बंद हो गई।
जनसभा के लिए किया जगह का अवलोकन
 विधानसभा क्षेत्र में 20 अक्टूबर को प्रियंका गांधी की प्रस्तावित जनसभा को लेकर मंत्री ममता भूपेश व प्रदेश कांग्रेस की टीम ने जगह का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने मुडियाखेड़ा, सिकराय-मानपुर सडक़ मार्ग के समीप के अलावा भांडारेज मोड़ से दुब्बी के मध्य भी हाइवे पर जगहों का अवलोकन किया है। वाहनों व भीड़ के आवागमन को देखते हुए जगह तय की जा रही है। इस दौरान मंत्री भूपेश ने बताया कि प्रदेशभर में ईआरसीपी को लेकर जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है। इसे लेकर सिकराय विधानसभा क्षेत्र में जनसभा की जा रही है। कांग्रेस महासचिव स्वर्णिम चतुर्वेदी ने कहा कि पिछले विधानसभा चुनावों में प्रधानमंत्री ने प्रदेश की जनता से ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना करने का वादा किया था।, जिसकी जनता बांट जोहती रह गई। ऐसे में प्रदेश कांग्रेस जन जागरण अभियान चला रही है। 16 अक्टूबर से जनसभाओं का आयोजन किया जा रहा है। कांग्रेस महासचिव जसवंत गुर्जर, रामसिंह कसवाह ने भी केन्द्र सरकार पर जमकर प्रहार किया। इस दौरान कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष शिवराम मीना, प्रदेश युवा कांग्रेस महासचिव प्रकाश मुंडिया खेड़ा आदि मौजूद रहे।
चेहरे बदलेंगे या नहीं
दौसा जिले में पांच में से चार सीटों पर वर्तमान में कांग्रेस के विधायक हैं। ऐसे में अब कार्यकर्ताओं के मन में एक ही सवाल है कि चेहरे बदलेंगे या पार्टी उन्हीं नेताओं को फिर से मौका देगी। हालांकि सभी सीटों पर विरोध में कुछ प्रत्याशी जोर लगा रहे हैं। बांदीकुई विधायक के विरोधी तो पीसीसी कार्यालय तक पहुंच गए। वहीं दौसा, लालसोट व सिकराय विधायक के विरोधी खेमे के लोग प्रदेश के नेताओं से मिलकर अपनी बात रख चुके हैं। कांग्रेस के समक्ष महुवा के टिकट को लेकर संकट है। लगातार हार झेल रही पार्टी इस बार चुनाव जीतने की रणनीति बना रही है।

Related Post