Thu, 08 06, 2026
देश

चुनाव की जमने लगी बिसात चौपालों पर भी चर्चा हुई तेज:

चर्चाओं का बाजार गर्म ,मतदाता असमंजस में, वेट एंड वॉच की स्थिति

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विधानसभा चुनाव का बिगुल बजते ही नवगठित कोटपूतली व बहरोड जिले की नजरे बानसूर की राजनीति पर टिकी हुई हैं। चर्चाओं का बाजार गर्म है। मतदाता भी अबकी बार असमंजस में है। वह वेट एंड वॉच की स्थिति में है । हालांकि बानसूर विधानसभा क्षेत्र में अभी तक भाजपा व बसपा ने अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है।वहीं असपा की टिकट पर पूर्व मंत्री रोहिताश शर्मा ने ताल ठोक दी है। लेकिन मतदाता की नजर अभी कांग्रेस के टिकट एवं चुनाव लड़ने वाले अन्य उम्मीदवारों पर टिकी हुई है। कस्बे सहित ग्रामीण क्षेत्र में चुनावी चर्चाएं जोरों पर है।
भाजपा समर्थक कार्यकर्ता क्षेत्र में भ्रष्टाचार ,पानी की समस्या एवं क्षेत्र की बिगड़ती कानून व्यवस्था के राग अलाप रहे है। वहीं कांग्रेस समर्थक कार्यकर्ता क्षेत्र में हुए विकास के दम पर पुन: वापसी का दम भर रहे हैं। क्षेत्र में एक वर्ग ऐसा भी है जो दबी जुबान से पिछले चुनाव में राजनीतिक दलों की ओर से किए गए वादों को गिनाना नहीं भूलते। आम मतदाता की बात की जाए तो ज्यादातर का कहना कि विकास तो हुआ लेकिन बीते 5 साल में क्षेत्र में युवाओं की उम्मीदे पूरे नहीं हुई है। रोजगार, अपराध ओर कानून व्यवस्था सहित कई समस्याओं के निराकरण की उम्मीद अधूरी रह गई है।अब फिर विधानसभा चुनाव में राजनीतिक दलों के प्रत्याशी इन्हीं मुद्दों पर ताल ठोकते नजर आएंगे।
अलवर जिले की अंतिम सीमा एवं नवगठित कोटपूतली बहरोड़ जिले में शामिल बानसूर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस ने अभी प्रत्याशी की घोषणा की नहीं की है। भाजपा,बसपा व असपा ने उम्मीदवारों की घोषणा तो कर दी है लेकिन चुनावी माहौल अभी पूरी रंगत में नहीं दिखाई दे रहा है। अधिकतर मतदाता चुप्पी साधे हुए हैं और कांग्रेस सहित अन्य प्रत्याशियों के मैदान में आने का इंतजार कर रहे हैं।
गत चुनाव में यह थे प्रमुख मुद्दे
कस्बे में पुलिस उपाधीक्षक कार्यालय खोलना एवं नगरपालिका खोलना सहित अन्य विकास कार्य तो पूरे हुए लेकिन विधानसभा क्षेत्र में रीको की स्थापना कर बेरोजगारों को रोजगार दिलाना बड़ी समस्या थी। जो पूरी नहीं हुई है। जबकि वर्तमान विधायक के पास प्रदेश सरकार में उद्योग मंत्री का जिम्मा था। क्षेत्र में बेरोजगार बड़ी संख्या में है।


 

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