शारदीय नवरात्र की शुरुआत हो चुकी है। इसमें आमजन के साथ सियासी दलों के नेता भी मनोयोग से पूजा-अर्चना में जुटे हैं। कई नेताओं ने टिकट व चुनाव में कामयाबी के लिए धार्मिक अनुष्ठान, साधना, मंत्र जाप का सहारा लिया है।
समर्थक-प्रत्याशी भी अपने-अपने स्तर पर अनुष्ठान करा रहे हैं। किशनगढ़ और केकड़ी को छोड़कर फिलहाल भाजपा और कांग्रेस सहित अन्य दलों ने प्रत्याशी तय नहीं किए हैं। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, नेताओं, समर्थकों और भावी प्रत्याशियों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं। इस बीच शारदीय नवरात्र में उन्हें शक्ति की आराधना का अवसर मिला है।
अखंड ज्योत
शहर के कई मंदिरों में नवरात्र में अखंड ज्योति जलाई जाती है। कई नेता, दावेदार और समर्थक गोपनीय तरीके से मंदिरों में घी और तेल की अखंड ज्योति जला रहे हैं। इनके समर्थकों ने भी अपने प्रत्याशियों की सफलता के लिए ज्योत जलाई है।
पूजा-अर्चना में जुटे नेता
सियासी दलों के नेता, प्रत्याशी और समर्थक पंडितों से पूजा-अर्चना में जुटे हैं। नवरात्र में यंत्र साधना का विशेष महत्व होता है। लिहाजा राजनीति से जुड़े नेता पंडितों के साथ यंत्र सिद्धि कर रहे हैं, इसमें मनोकामना पूर्ति यंत्र, विजयश्री यंत्र, सौभाग्य यंत्र, रोली आदि अनुष्ठान के जरिए सिद्ध की जाती है। जनप्रतिनिधि विभिन्न पार्टियों से जुड़े हैं। इनके शत्रु विजयी अनुष्ठान भी चल रहे हैं।
कर रहे हैं यह उपाय
●कुंडली लेकर पंडितों की शरण में नेता
●समर्थक भी ले रहे धार्मिक क्रिया-कलापों में हिस्सा
●मनोकामना पूर्ति के अखंड दीप प्रज्ज्वलन
